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बेटियों के नाम से बढ़ेगी घरों की शान

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बेटियों के नाम से बढे़गी घरों की शान
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गाजियाबाद। जिले में अब लोगों के घर की पहचान बेटियों के नाम से होगी। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत सोमवार को कलक्ट्रेट में महिला कल्याण विभाग की ओर से अधिकारियों और अन्य अभिभावकों को जिनकी बेटियां थीं, उन्हें बेटियों के नाम की नेम प्लेट दी गईं। ये सभी लोग अपने घर के बाहर यह नेमप्लेट लगाएंगे। कार्यक्रम में कुछ अभिभावक अपनी बेटियों के साथ भी आए थे और नेम प्लेट देखकर बच्चियां काफी खुश हो गईं। डीएम आरके सिंह और सीडीओ अस्मिता लाल ने सभी को नेम प्लेट और पौधे दिए।
डीएम आरके सिंह ने कहा कि बेटियां जिम्मेदार और संवेदनशील होती हैं। किसी भी क्षेत्र में गंभीरता से काम करती हैं। इसलिए बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके नाम से अपने घर की पहचान बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत है कि बेटियों को करने की कि वह माता-पिता के और अपने सपने आजादी से पूरे करें। अब हर विभाग व हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी दिख रही है।
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सीडीओ अस्मिता लाल ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए अभिभावकों के आवास पर उनके नाम की नेम प्लेट लगाने की मुहिम शुरू की गई है। इस अभियान की अभी शुरूआत हुई है और आगे भी कार्यक्रम करके इस मुहिम को बढ़ाया जाएगा और अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा कि वह बेटियों के नाम का नेम प्लेट अपने घरों पर लगाएं। कार्यक्रम में 20 लोगों को उनके बेटियों के नाम की नेम प्लेट दी गई, जिसमें डीएम आरके सिंह को उनकी बेटी प्रीति सिंह के नाम की नेम प्लेट सीडीओ ने भेंट की। डीएम ने कहा कि वह अपने घर पर इस नेम प्लेट को जरूर लगाएंगे। इसके अलावा एसीएम खालिद अंजुम, डीडीओ बीसी त्रिपाठी, सीवीओ महेश कुमार, पीडीडीआरडीए पीएन दीक्षित, सहदेव, संजीव वर्मा, हरवीर सिंह, परविंदर कुमार, गफरुद्दीन, दीपक सिरोही, सुमित शिशौदिया, प्रवीण त्यागी, जितेंद्र कुमार, लोकेंद्र सिंह, नेहा वालिया को उनकी बेटी के नाम की नेम प्लेट और पौधे दिए गए। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र ने इस अभियान की पूरी जानकारी दी।
नेम प्लेट पाकर हुई खुशी
मेरी दो बेटियां हैं। दोनों बड़ी हैं और एक बेटा है। आज बेटियों के नाम की नेम प्लेट पाकर काफी खुशी हुई। बेटियों पर गर्व तो पहले से ही था, लेकिन नेमप् लेट लगाने की कभी नहीं सोची थी। प्रशासन की इस नई पहल का स्वागत है और मुझे काफी खुशी है कि मेरे घर की पहचान मेरी बेटियों के नाम से होगी।
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महेश कुमार, सीवीओ
बेटियों से ही घर की रौनक है
बेटियां भी इस कार्यक्रम में आकर खुश हैं। मेरी दोनों बेटियों का नाम नेम प्लेट पर है। यह क्षण काफी भावुक करने वाला है। मेरी बड़ी बेटी अभी महज छठवीं कक्षा में है, लेकिन पढ़ाई से लेकर हर क्षेत्र में अव्वल आती है। छोटी बेटी भी पढ़ाई में अच्छी है। दोनों मेरे घर की रौनक हैं।
प्रवीण त्यागी, दवा सप्लायर
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