नौ करोड़ से अस्पताल बनाया
6 माह बाद भी शुरू न हो पाया
गाजियाबाद। स्वास्थ्य विभाग एक ओर कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के इंतजाम कर रहा है तो दूसरी ओर बम्हैटा में नौ करोड़ से तैयार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में छह माह बाद भी स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाई है। सीएचसी को संचालित करने के लिए पीएचसी के रूप में बदलकर टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का तर्क है कि शासन से स्टॉफ मिलते ही फिर से इसे सीएचसी में बदल दिया जाएगा। इसके अलावा लोनी में निर्माणाधीन 50 बेड के अस्पताल का रुका काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। जबकि डूडाहेड़ा में प्रस्तावति 50 बेड के संयुक्त अस्पताल बनाने का काम सिर्फ सर्वे रिपोर्ट भेजने तक ही सीमित है।
सीएचसी की जगह पीएचसी लिखवा दिया
जिला योजना के तहत स्वीकृत बजट से सीएचसी का निर्माण कराया गया। दिसंबर 2020 में इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया था। तकनीकी एवं भौतिक जांच के बाद फरवरी 2021 में निर्माण एजेंसी यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन निर्माण इकाई-5 द्वारा नवनिर्मित भवन को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दी गई थी। इसके बाद से लगातार सीएचसी बंद थी। मई में सीएचसी का ताला तो खोल दिया गया, लेकिन सीएचसी की जगह भवन पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) लिखवा दिया गया। केंद्र पर सिर्फ टीकाकरण चल रहा है। भवन निर्माण का कार्य पूरा होने के छह द्गद्मद्द बाद भी स्टाफ स्वीकृत नहीं हुआ।
नहीं शुरू हो सका आवासीय परिसर का निर्माण
अस्पताल में डॉक्टर सहित अन्य स्टॉफ के रहने के लिए आवास भी बनाए जाने हैं। इसके लिए शासन से कार्यदायी संस्था को 1.18 करोड़ का बजट आवंटित हो चुका है। इसके बावजूद अभी तक आवास का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। परिसर में छह डॉक्टर के लिए टाइफ फोर, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ के रहने के लिए टाइप थ्री और टू का निर्माण होना है।
लोनी में 50 बेड का अस्पताल अधूरा
लोनी में 6.88 करोड़ की लागत से 50 बेड का संयुक्त अस्पताल पिछले चार साल से बनाया जा रहा है। भवन निर्माण का काम पूरा होना नवंबर तक प्रस्तावित है। पिछले तीन माह से काम बंद होने के कारण अब विभाग के जानकार ही मान रहे हैं कि इस साल निर्माण कार्य पूरा होने में संशय है। स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता आदित्य धीमान का कहना है कि निर्माण करने वाली संस्था से बात की गई है, जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।
डूडाहेड़ा में अस्पताल का काम सिर्फ सर्वे रिपोर्ट तक सिमटा
डूड़ाहेड़ा में दो साल से 50 बेड का अस्पताल प्रस्तावित है। मामले में अभी तक सिर्फ सर्वे रिपोर्ट भेजी गई है। शासन को अवगत कराया गया है कि डूड़ाहेड़ा में 50 बेड का संयुक्त अस्पताल बनने से आसपास की छह लाख आबादी को राहत मिलेेगी। हाल ही में स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने मामले में सीएमओ से रिपोर्ट भी मांगी थी, इसके बाद शासन को सर्वे रिपोर्ट भेजी गई है।
कोट
बम्हैटा में स्टाफ की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है। स्टाफ स्वीकृत होते ही पीएचसी का बोर्ड हटाकर सीएचसी में बदल दी जाएगी। इसके लिए जिन केंद्रों पर स्टाफ नहीं हैं, उसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
- डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ
यह स्टाफ चाहिए
- एक चिकित्सा अधीक्षक
- एक रेडियोलॉजिस्ट
- एक स्त्री रोग विशेषज्ञ
- फिजीशियन
- एक सर्जन
- एक डेंटल सर्जन
तीन स्टॉफ नर्स
दो वार्ड ब्यॉय
दो फार्मासिस्ट
दो स्वीपर
दो लैब टेक्नीशियन
यहां भी है डॉक्टर-कर्मियों की जरूरत
- एमएमजी अस्पताल का आईसीयू भवन
- एमएमजी अस्पताल में का बर्न यूनिट
- एमएमजी की सीटी स्कैन जांच मशीन खराब
- जिले में 12 नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर नहीं
- संयुक्त अस्पताल में ब्लड स्टोरेज सेंटर
- संयुक्त अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड
- एमएमजी और संयुक्त अस्पताल में चालक न होने से एंबुलेंस खड़ीं