दूसरी लहर से चोट खाए
लोग तीसरी से निपटने में जुटे
गाजियबाद/साहिबाबाद। दूसरी लहर में कोरोना से बीमार हुए लोगों ने तीसरी लहर से निपटने के लि खुद इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। सोसायटियों में लोगों ने खुद ही आइसोलेशन वार्ड, ऑक्सीजन सिलिंडर व कन्संट्रेटर की व्यवस्था कर रखी है। सोसायटियों में कोरोना से बचाव के नियम पहले की तरह लागू हैं। एओए पदाधिकारियों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आरडब्ल्यूए एवं रेजिडेंट्स दोनों समझ चुके हैं कि अपनी व्यवस्था से ही बचा जा सकता है। यही वजह है कि सोसायटियों में फिलहाल शहर के अनलॉक का कोई असर नहीं है। रेजिडेंट्स के सहयोग से फिलहाल सोसायटी में सार्वजनिक कार्य एवं पार्टी पर पाबंदी के साथ ही स्वीमिंग पूल व पार्क में खेलों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
सोसायटी में बाहरी का प्रवेश रोका
- किसी भी बाहरी व्यक्ति के सोसायटी में प्रवेश पर पाबंदी।
- इस गर्मी क्लब हाउस और स्वीमिंग पूल नहीं खोले जाएंगे।
- सोसायटी में फुटबॉल, क्रिकेट व टेनिस सभी खेल बंद रहेंगे।
- पार्क में बच्चों व बड़ों के ग्रुप में घूमने पर पाबंदी बरकरार।
- बर्थ-डे पर बच्चों का ग्रुप में मिलने पर मनाही।
18 सोसायटी ने बनाए आइसोलेशन वार्ड
- निहो स्कॉटिश, जयपुरिया सनराइज, पार्श्वनाथ मैजिस्टिक, शिप्रा सनसिटी समेत 18 सोसायटी में बनाए आइसोलेशन वार्ड।
- सोसायटियों में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था स्थायी कर दी गई है। सैनिटाइजर टैंक लगवाए गए हैं।
- एओए की ओर से ऑक्सीजन सिलिंडर और कन्संट्रेटर की व्यवस्था की गई है।
दूसरी लहर से मिली सीख
सोसायटी में पांच बेड का आइसोलेशन वार्ड के साथ ऑक्सीजन बैंक पहले से तैयार है। सुरक्षा के मद्देनजर सैनिटाइजेशन के साथ हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेकर आगे आने वाली हर परिस्थिति और रेजिडेंट्स की सुरक्षा के लिए सोसायटी पूरी तरह से तैयार है।
नीरज त्यागी, अध्यक्ष एओए, अजनारा इंटीग्रिटी सोसायटी
ऑक्सीजन बैंक किया तैयार
सोसायटी में 20 ऑक्सीजन सिलेंडर का बैंक तैयार किया गया है। जरूरत पड़ने पर आइसोेलेशन वार्ड बनाया जाएगा। दिन में दो से तीन बार सैनिटाइजेशन किया जाता है। एओए ने आगे तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए तैयारी की है।
- नवीन तोमर, अध्यक्ष, एओए महागुनपुरम सोसायटी
एक फ्लैट को बनाया वार्ड
कोरोना की दूसरी लहर में एक फ्लैट में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था। आगे जरूरत पड़ने पर फिर से आइसोलेशन वार्ड को बनाने में कोई परेशानी पेश नहीं आएगी। रेजिडेंट्स की सहूलियत और सुरक्षा के मद्देनजर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
- विनीत राठी, अध्यक्ष, एओए लग्जूरिया एस्टेट सोसायटी
अस्पतालों में भी तैयारी तेज, बन रहे ऑक्सीजन प्लांट
दूसरी लहर से सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आगे के लिए तैयारी तेज कर दी है। पिछली लहर में कई लोगों की ऑक्सीजन की कमी के चलते जान चली गई। अब अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम तेज हो गया है। संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल में आक्सीजन प्लांट आ चुका है, जबकि ईएसआई राजेंद्र नगर में 15 से 20 जून के बीच प्लांट लग जाएगा। भोजपुर में जो कंपनी प्लांट लगाएगी, उसी को पीएचसी पर ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने की भी जिम्मेदारी दी गई है। सभी प्लांट 30 जून तक शुरू करने की तैयारी है।
अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थिति
जिला महिला अस्पताल : टीबी अस्पताल में काम शुरू
ईएसआई अस्पताल : सर्वे पूरा, एक सप्ताह में लगेगा प्लांट
संयुक्त अस्पताल : निर्माण कार्य अंतिम चरण में।
लोनी सीएचसी : सर्वे का काम पूरा। जल्द शुरू हो काम
डासना सीएचसी : दो कंपनियां मिलकर लगाएंगी प्लांट।
सीएचसी मोदीनगर : प्लांट लगाने वाली कंपनी तय।
भोजपुर : प्लांट लगाने वाली कंपनी ही बिछाएगी पाइपलाइन।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरादनगर : सर्वे हुआ पूरा।
बच्चों के लिए रिर्जव किए जा रहे 190 बेड
संतोष अस्पताल में 100, सीएचसी पर 20 व पीएचसी पर 10 बेड का बच्चों के लिए अस्पताल बनाने की तैयारी की जा रही है। 60 बेड का इंडो जर्मन राम सरन अस्पताल बनाया जा रहा है। इसमें अस्पताल प्रबंधन ऑक्सीजन प्लांट खुद लगाकर देगा। अस्पताल में अन्य सुविधाओं के लिए शासन को जानकारी भेजी जा चुकी है।
शासन से मांगी दवाई
संक्रमित बच्चों के लिए दवाओं की शासन से मांग की गई है। 10 डाक्टर नियुक्त करने की कवायद शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोरोना संक्रमितों को जो दवाएं दी जी रही हैं, उनमें से कई दवाएं बच्चों को नहीं दी जाती है। बच्चों को कम पावर की एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। सीएमओ ने बताया कि तीनों अस्पतालों में बच्चों की दवाओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। कुछ दवाएं शासन से मांगी गई हैं।
तीन माह में 1926 बच्चे संक्रमित
मार्च 2021 से 31 मई तक एक से 17 साल तक के 1926 बच्चे एवं किशोर संक्रमित हुए। इनमें 868 बच्चियां और 1058 बच्चे हैं। हालांकि जून में सिर्फ चार बच्चे संक्रमित हुए हैं। पिछले साल इस अवधि में संक्रमित होने वाले बच्चों की संख्या 50 से भी कम थी। 2020 में मार्च से दिसंबर तक लगभग 2000 बच्चे कोरोना संक्रमण की चपेट में आए थे। इस साल तीन महीनों में ही यह आंकड़ा छू लिया है। जनवरी और फरवरी में लगभग 300 बच्चे कोरोना संक्रमण की चपेट में आए थे।
मार्च से मई तक संक्रमित बच्चे
0 से 1 वर्ष 33
1 से 5 वर्ष 286
6 से 10 वर्ष 495
11 से 17 वर्ष 1145
कोट
जिला उद्योग अधिकारी के नेतृत्व में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का कार्य किया जा रहा है। उनसे मेरी बात हुई है, उन्होंने बताया कि सभी सेंटर पर कार्य प्रगति पर है। 30 जून तक प्लांट शुरू हो जाएंगे।
- डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ