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संक्रमण की दर कम, मौत के आंकड़े चिंताजनक

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संक्रमण की दर कम, मौत के आंकड़े चिंताजनक
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण कम होने के बावजूद जिले में हो रही मौत चिंताजनक बनी हुई है। एक सप्ताह से संक्रमित मरीज औसत 25 से 35 के बीच है, लेकिन लगातार हो रही मौत से स्वास्थ्य विभाग के लोग भी परेशान हैं। शुक्रवार को मृत्यु दर 0.86 है, जबकि संक्रमण दर 0.27 फीसदी है।
पिछले एक सप्ताह में आठ मौत हो चुकी हैं। अब तक जिले में 55400 से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इन संक्रमितों में 457 की मौत हुई है। दूसरी लहर में 15 अप्रैल से 20 के बीच 354 जान गईं।
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आईएमए के प्रवक्ता डॉ. नवनीत वर्मा का कहना है कि वायरस का सबसे ज्यादा असर फेफड़ों पर पड़ता है, इससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। फेफड़ों के अलावा वायरस शरीर के दूसरे अंग जैसे किडनी, लिवर, आंतों पर भी हमला करता है। इस दौरान सांस लेने में मुश्किल की बजाए दूसरी तरह के लक्षण दिखते हैं।
खून का थक्का जमने से परेशानी
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीबी जिंदल का कहना है कि दिल और किडनी में क्लॉटिंग होने से ब्लॉक हो रहे थे। इस स्थिति में उस अंग तक खून नहीं पहुंच पाता, जिसे थ्रोंबोसिस कहा जाता है। यह काफी खतरनाक स्थिति मानी जाती है। कई बार दिल तक खून न पहुंचने से मल्टी-ऑर्गन फेल हो जाते हैं और मरीज की मौत हो जाती है।
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वेंटिलेटर का फायदा
सांस लेने में मुश्किल होने के शुरुआती समय में ऑक्सीजन देनी होती है। लेकिन एक स्थिति ऐसी भी आती है, जब फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं। तब मरीज को वेंटिलेटर पर रखा जाता है ताकि वो फेफड़ों की मदद कर सके। यही स्टेज सबसे खतरनाक है और वायरल लोड जल्दी खत्म न हो तो मरीज की मौत भी हो जाती है।
आंकड़ों में कोरोना संक्रमण
अब तक कुल संक्रमित - 55402
स्वस्थ हो चुके - 54472
अब तक मौत - 457
मौत दर - 0.83
संक्रमण दर - 0.27
रिकवरी रेट - 98.64
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