मुफ्त में थाईलैंड की सैर कराकर बिटक्वॉइन के नाम पर करोड़ों ठगे
गाजियाबाद। शहर में वर्चुअल करेंसी (बिटक्वॉइन) में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों के मुताबिक, मोदीपुरम, मेरठ की लोटस टावर सोसायटी में रहने वाले नवनीत सांगवान और उसकी पत्नी पूजा ने कई प्रदेशों के 70 से अधिक लोगों से 20 करोड़ की ठगी की है। दर्जनभर लोगों से दो करोड़ से अधिक की ठगी के मामले में नंदग्राम व कविनगर पुलिस ने दंपती और जयपुर निवासी उनके सहयोगी शुभम नावडिया के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़ितों के मुताबिक, आरोपियों ने उन्हें चंद दिनों में मोटे मुनाफे और मुफ्त विदेश यात्रा का लालच देकर झांसे में लिया।
मामला-एक
नंदग्राम थानाक्षेत्र के गांव नगला फिरोजपुर मोहनपुर निवासी उपेंद्र सिंह का कहना है कि वह कारों की सेल-परचेज का काम करते हैं। अक्तूूबर 2018 में उनकी मुलाकात मोदीपुरम, मेरठ निवासी नवनीत सांगवान व उसकी पत्नी पूजा से हुई। नवनीत ने कहा कि वह वर्चुअल करेंसी (बिटक्वॉइन) का कारोबार करते हैं और इसमें निवेश करने वालों को विभिन्न स्कीम के तहत मोटा मुनाफा देते हैं। उपेंद्र का कहना है कि मुनाफे के लालच में आकर उन्होंने, उनके रिश्तेदारों व परिचितों ने पांच-छह माह के भीतर करीब दो करोड़ रुपये वर्चुअल करेंसी के कारोबार में निवेश कर दिए। कुछ दिन उन्हें रकम वापस मिली, लेकिन बाद में पैसा आना बंद हो गया।
झांसा देने के लिए तीन बार थाईलैंड घुमाया
उपेंद्र सिंह का कहना है कि नवनीत सांगवान के साथ जयपुर निवासी शुभम नवाडिया भी वर्चुअल करेंसी का कारोबार करता था। दोनों ने उन्हें मुनाफे के साथ-साथ मुफ्त विदेश यात्रा का लालच भी दिया था। उपेंद्र का कहना है कि आरोपी उन्हें वर्ष 2019 में तीन बार थाईलैंड घुमाने भी ले गए। रकम न आने पर उन्होंने तगादा किया तो आरोपियों ने फोन उठाने भी बंद कर दिए। मई 2020 में नवनीत ने एक करोड़ रुपये लौटाने का वादा किया, लेकिन रकम नहीं दी।
कई राज्यों के लोगों को बनाया शिकार
उपेंद्र सिंह का कहना है कि अकेले उनके सर्किल के दर्जनभर लोगों से दो करोड़ से अधिक की ठगी हुई है। इसके अलावा उनके गांव के अन्य लोगों से भी 5 से 6 करोड़ रुपये ठगे गए हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश व उत्तराखंड समेत कई राज्यों के 70 से अधिक लोगों से वर्चुअल करेंसी के नाम पर 20 करोड़ से अधिक की ठगी की गई है।
हमें तो बर्बाद करके रख दिया
उपेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने मोटे मुनाफेके लालच में अपने व अपने रिश्तेदारों व जानकारों से पैसा निवेश करा दिया। उन्होंने कर्ज लेकर पैसा लगाया था। उसे चुकाने के चक्कर में उन्हें अपनी जमीन भी बेचनी पड़ी, जबकि कारोबार भी ठप हो गया। पीड़ित का कहना है कि ठगों ने उन्हें बर्बाद करके रख दिया है। उनकी तरह ही दर्जनों परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। वह पैसे मांगने नवनीत सांगवान के घर जाते हैं तो उसकी पत्नी उल्टा उन पर आरोप लगाकर अभद्रता करती है।
मामला-दो
महिंद्रा एंक्लेव निवासी महेंद्र कुमार का कहना है कि उनके रिश्तेदार सतवीर सिंह अटौर नंगला गांव में रहते हैं। सतवीर सिंह ने जनवरी 2019 में उनकी मुलाकात सैनिक विहार कंकरखेड़ा मेरठ निवासी नवनीत सांगवान व उसकी पत्नी पूजा से कराई। नवनीत ने बताया कि वह महेशनगर, जयपुर राजस्थान निवासी शुभम नावडिया के साथ मिलकर बिट रिजर्व ट्रेडिंग कंपनी के नाम से बिटक्वाइन व इसी तरह की वर्चुअल करेंसी का कारोबार करता है। इसके लिए वह लोगों से रकम एकत्र करता है और मोटे मुनाफेके साथ लौटा देता है। महेंद्र कुमार के मुताबिक, नवनीत सांगवान ने उन्हें यह भी बताया कि वह उसके कारोबार में निवेश करने वाले लोगों को अपने खर्चे पर विदेश यात्रा भी कराता है। पहले भी वह कई निवेशकों को थाईलैंड आदि स्थानों पर ले जा चुका है। मोटे मुनाफेकी बात सुनकर वह भी निवेश के लिए सहमत हो गए।
तगादा करने पर दिया चेक, वह भी हुआ बाउंस
नवनीत ने उन्हें गोल्ड प्लान के बारे में बताया कि छह माह के लिए आठ लाख 40 हजार रुपये जमा करने पर छह माह बाद उन्हें 10 लाख आठ हजार रुपये या 25 तोला सोना दिया जाएगा। जून 2019 में उन्होंने नवनीत व उसकी पत्नी को घर पर आठ लाख 40 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद उनके भाई सुरेंद्र सिंह व रिश्तेदार कुलदीप डबास ने भी नवनीत सिंह के कहने पर लाखों रुपये का निवेश किया। आरोप है कि 6 माह बीतने पर भी न तो रकम मिली और न ही सोना। उन्होंने अपनी रकम वापस करनी शुरू कर दी तो आरोपी टालते रहे। सख्ती करने पर आरोपियों ने जून 2020 में उन्हें आठ लाख 40 हजार का चेक दिया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया। सीओ द्वितीय अवनीश कुमार ने कहा कि वर्चुअल करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी के मामले में मेरठ के पति-पत्नी समेत तीन लोगों के खिलाफ कविनगर और नंदग्राम थाने में केस दर्ज किए गए हैं। आरोपियों ने लोगों को मोटे मुनाफे और विदेश यात्रा का लालच देकर झांसे में लिया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।