किसानों को न रोकें, बैरियर तोड़े गए तो प्रशासन होगा जिम्मेदार : टिकैत
साहिबाबाद। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली में शामिल में होने आ रहे किसानों को जगह-जगह रोकने पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत प्रशासन और पुलिस पर खूब बरसे। शनिवार को उन्होंने मंच से कहा कि किसानों को रास्ते में परेशान किया जा रहा है। जबकि किसान इतना सहयोग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी इसे कमजोरी न समझे। जहां भी पुलिस रोकेगी, वहां किसान बैरियर तोड़ेंगे और उसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी। चेतावनी दी कि यदि किसानों को परेशान करना बंद नहीं हुआ तो पूरा सिस्टम बंद हो जाएगा। उन्होंने रैली में तीन लाख से ज्यादा ट्रैक्टरों के शामिल होने की संभावना जताई है, जबकि गाजीपुर बॉर्डर से 25 से 30 हजार ट्रैक्टर शामिल होने की बात कही है।। इस बीच 20 हजार वालंटियर काम करेंगे। सुबह यूपी गेट पहुंचे आईजी, एडीजी और एसएसपी ने राकेश टिकैत के साथ बैठक में पूरी व्यवस्था पर चर्चा की।
डेढ़ साल कानूनों पर रोक लगाने और कमेटी बनाने के सरकार के प्रस्ताव पर पुर्नविचार पर राकेश टिकैत ने कहा कि अब सरकार से बातचीत का दौर टूट जाएगा। 15 दिन या एक माह बाद फिर सरकार से वार्ता होगी। किसानों का यह आंदोलन अभी लंबा चलेगा, अब तारीख किसान बताएंगे। उन्होंने बताया कि सिंघु बॉर्डर पर एक संदिग्ध ने जिस तरह का खुलासा किया था, उससे दिख रहा है यह सब पूर्वनियोजित होता है। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर रैली में अगर कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी। किसान सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहता है तो उसे रोका न जाए। राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को भी ट्रैक्टर रैली के लिए कागज में लिखत-पढ़त की जरूरत पड़ेगी। आखिर बिना कागज के किसान दिल्ली नहीं जा सकता क्या। उन्होंने कहा कि सिंघु बॉर्डर पर जो संदिग्ध पकड़ा गया है उसे पंजाब, हरियाणा और दिल्ली पुलिस को सौंपा। जांच में जो भी सामने आए उसका सच सामने आना चाहिए।
दोपहर में उन्होंने मंच संभालते ही पुलिस-प्रशासन पर खूब गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि किसानों को बेवजह जगह-जगह रोका जा रहा है उनका उत्पीड़न हो रहा है। जब हरियाणा व पंजाब में किसानों को नहीं रोका जा रहा तो उत्तर प्रदेश में किसानों को रोका जाएगा क्या। इसके आगे कहा कि यदि किसान आंदोलन में पुलिस-प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं तो इसका मतलब यह न समझे कि किसान कमजोर हैं। किसान ट्रैक्टर से बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ेंगे तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन के अधिकारियों की होगी। उन्होंने अधिकारियों को सचेत किया कि जहां भी किसानों को रोक रखा है उन्हें छोड़कर आगे बढ़ने दिया जाए। राकेश टिकैत ने किसानों से अपने साथ खाने-पीने का सामान लाने का भी आह्वान किया।
ट्रैक्टर परेड को रोक नहीं सकते, बन रही व्यवस्था
राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलनस्थल पर आ रहे किसान गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड में शामिल होना चाहते हैं। इस परेड को हम नहीं रोक सकते, लेकिन व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पुलिस-प्रशासन के साथ कमेटी की वार्ता चल रही है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि रैली में तीन लाख ट्रैक्टर शामिल हो सकते हैं, जबकि व्यवस्था के लिए 20 हजार वालंटियर लगाए गए हैं। जो भी संदिग्ध दिखेगा उसे पकड़कर पुलिस-प्रशासन को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब यूपी गेट पर आंदोलन में शामिल होने वाले किसानों की जांच के लिए एक दस्ता बनाया गया है। यह दस्ता मेटल डिटेक्टर से जांच करेगा।
आईजी और एडीजी ने की बैठक
सुबह करीब पौने 12 बजे आईजी प्रवीण कुमार और एडीजी राजीव सबरवाल, एसएसपी कलानिधि नैथानी व अन्य अधिकारी यूपी गेट पहुंचे। उन्होंने राकेश टिकैत के साथ बैठक की, जो करीब 15 मिनट पहले चले। इसके बाद उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर रैली में पुलिस के लोग भी सिविल वर्दी में रहेंगे। जबकि वालंटियर समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। बता दें कि ट्रैक्टर रैली को लेकर अधिकारियों की किसान नेताओं के साथ लगातार बैठक चल रही है। शुक्रवार को भी वैशाली की पीएसी में गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी और आईजी, एडीजी, कमिश्नर अनिता सी मेश्राम, डीएम अजय शंकर पांडेय, एसएसपी व अन्य अधिकारियों से वार्ता हुई।