जिले में चार रंगों के चलेंगे ऑटो, पहचान होगी आसान
गाजियाबाद। सब कुछ ठीक रहा तो जिले में चार रंग के ऑटो चलेंगे। रंग के आधार पर ऑटो का रूट तय किया जाएगा। चालक को संबंधित रूट पर ही ऑटो चलाना होगा। दूसरे रूट पर चलाने पर जुर्माना भरना पड़ेगा। इससे यात्रियों को भी फायदा होगा। पुलिस का कहना है इससे ऑटो में होने वाली लूट पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
परिवहन विभाग ने जिले में ऑटो के रूट की व्यवस्था को सुधारने के लिए पहल की है। इस पहल में जिले को चार जोन में बांटा गया है। चारों जोन के ऑटो के रंग अलग-अलग रखे गए हैं। शहर के अंदर हरा रंग, मोदीनगर में काला और लोनी में लाल रंग के ही ऑटो चलेंगे। अब जिले महानगर से जिले पूरे जिले में एक ही कलर के ऑटो दौड़ते थे। लोगों को यह पता नहीं चल पाता था कि यह किस रूट पर चलने वाला ऑटो है। उससे पूछना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा। लोग कलर देख के ही अनुमान लगा लेंगे कि यह किस रूट पर जाएगा।
आरटीओ की बैठक में लिया गया था निर्णय
आरटीओ की बैठक में तीन रंगों में ऑटो चलाने का निर्णय लिया गया था। तीनों क्षेत्र के अधिकतर ऑटो कर रंग बदल भी चुका है। अब महानगर में भी गाजियाबाद सिटी और ट्रांस हिंडन क्षेत्र में भी अलग-अलग रंग के ऑटो चलेंगे। ट्रांस हिंडन क्षेत्र के ऑटो का कलर अभी निर्धारित नहीं हुआ है।
अभी तीन रंग में चल रहे ऑटो
जिले के अंदर तीन रंग में ऑटो संचालित हो रहे हैं। गाजियाबाद महानगर के अंदर हरा रंग, मोदीनगर में काला और लोनी में लाल रंग के ऑटो चल रहे हैं। अब पहचान के लिए ट्रांस हिंडन क्षेत्र में चलने वाले ऑटो का रंग बदला जाना है। उस क्षेत्र के ऑटो के रंग को अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है।
19 हजार से अधिक ऑटो पंजीकृत
जिले में 19 हजार से अधिक ऑटो पंजीकृत हैं। विभिन्न स्थानों पर ऑटों के अतिक्रमण से जाम लगा रहता है। इससे निजात पाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों को परिक्षेत्र में बांट दिया था। शिकायत मिल रही थी कि कुछ ऑटो अपनी रूट परमिट के अलावा भी जनपद में अलग-अलग स्थानों पर चक्कर काट कर मनमानी वसूली करते हैं। संभागीय परिवहन विभाग की ओर से सभी ऑटो यूनियन को निर्देश जारी किए।
13 हजार ऑटो को अलग रंग में बांटा
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में गाजियाबाद महानगर में चलने वाले 13 हजार ऑटो को भी अलग-अलग रंगों में बांटने का फैसला लिया गया। इसमें परिवहन विभाग को इस पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। हिंडन पार और शहर के ऑटो को अलग-अलग रखा गया। इससे शहर के ऑटो केवल अपने परीक्षेत्र में ही चक्कर काट सकते हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग ने ऑटो को अलग करने के लिए चालक के घर के पते पर निर्णय लिया। जिस ऑटो चालक का पता जहां का होगा, वह उस परीक्षेत्र में चला सकेगा। एआरटी प्रवर्तन आरके सिंह ने बताया कि जल्द ही ट्रांस हिंडन और गाजियाबाद सिटी के रंगों को अलग कर दिया जाएगा। इससे सीमा विवाद खत्म हो जाएगा। लोगों की समस्या का समाधान भी हो जाएगा। रूट चोरी भी नहीं कर पाएंगे।