समझौते के दो दिन बाद फिर बुलाई पंचायत, उसी ने कराया बवाल
गाजियाबाद। बम्हैटा-अच्छेजा गांव में दो दिन पूर्व दो पक्षों में सभ्रांत लोगों के सामने समझौता हो गया था। दोनों गांव के लोगों ने पुलिस-प्रशासन के अधिकािरयों को आश्वस्त भी करा दिया था कि अब सब कुछ शांत है। आगे कुछ भी नहीं होगा। फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ कि दोनों गांव के लोगों की समझौते के लिए फिर से पंचायत बुलानी पड़ी। इस पंचायत के पीछे का राज क्या है? इस सच से तो बाद में पर्दा उठेगा। अंदर खाने लोगों का कहना है कि केवल कुछ लोगों ने राजनीति चमकाने के लिए पंचायत को आमंत्रित किया, जिससे बवाल हो गया। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है।
चर्चा है कि कुछ चंद लोगों की मंशा थी कि बम्हैटा और अच्छेजा केदोनों पक्षों के लोगों को बुलाकर गले मिलवाया जाए। रविवार को डासना देवी मंदिर पर सुबह 10 बजे गले मिलने का कार्यक्रम रखा गया। यति नरसिंहानंद सरस्वती भी चाहते थे कि दोनों पक्षों में समझौता हो जाएगा तो आगे विवाद नहीं होगा। लोगों के सवाल हैं कि जब शुक्रवार रात दोनों गांव लोगों के बीच समझौता हो गया था। शनिवार को पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के सामने समझौते की बात दोनों पक्षों ने की। उसके बाद फिर रविवार को किस समझौते के लिए बुलाया गया? इस समझौते के पीछे का राज क्या था? लोगों के इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं था। इन बिंदुओं पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया ने लगाई बम्हैटा-अच्छेजा की शांति में आग
बम्हैटा-अच्छेजा में शांति के बाद फिर से सोशल मीडिया ने भी आग लगाने का पूरा काम किया है। कुछ असामाजिक तत्वों ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए। इससे युवाओं में और ज्यादा आक्रोश फैला है। सोशल मीडिया पर बंदिश के लिए नोएडा ने सेल बनाई है। नोएडा एसपी देहात ने डासना पहुंचकर दोनों पक्षों के लोगों को समझाया।
तीन लोगों के मरने की सूचना पर दौड़ती रही पुलिस
कुछ असामाजिक तत्वों ने व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया पर एक पक्ष के दो व दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति की मरने की अफवाह फैला दी। लोग एक-दूसरे से जानकारी करते रहे। पुलिस भी सूचना के बाद दौड़ती नजर आई। सूचना झूठी होने पर पुलिस अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली।
पांच थानों की पुलिस ने डासना देवी मंदिर पर संभाला मोर्चा
पंचायत केदौरान बवाल होने के बाद पांच थानों की पुलिस ने मोर्चा संभाला। एसपी देहात नीरज कुमार जादौन, एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा, सीओ सदर अंशु जैन, मसूरी थाना प्रभारी नरेश सिंह समेत पांच थानों की पुलिस मौजूद थी। दो प्लाटून पीएसी मोर्चा संभालने के लिए मुस्तैद रही। मसूरी थाना पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती, अनिल यादव समेत 100 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। थाना प्रभारी मसूरी नरेश सिंह ने बताया कि धारा 144 लगी हुई थी। उसके बावजूद भी सैकड़ों की संख्या में मंदिर पर लोग एकत्र हुए। पुलिस वीडियो के आधार पर लोगों की पहचान कर रही है।
वीडियो में तोड़फोड़ और नारेबाजी करते दिख रहे युवा
डासना मंदिर के बाहर का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में कुछ युवक नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं। एक नेता का भी नाम ले रहे हैं। जबकि दूसरी वीडियो में युवक पथराव करते दिख रहे हैं और लोहे के रॉड से कार वार करते नजर आ रहे हैं। बवाल के बाद विधायक नंद किशोर गुर्जर, यति नरसिंहानंद सरस्वती, यतेंद्र नागर और अनिल यादव समेत दोनों बिरादरियों के तमाम लोग इकला गांव में जमा हुए। वहां पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच दोनों जातियों के लोग गले मिले। दोनों पक्षों के लोगों ने कहा कि अब समझौता हो चुका है। किसी भी प्रकार की कोई लड़ाई नहीं है। यदि अब कोई भी व्यक्ति झगड़ा या विवाद करता है। उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा।
पुलिस की योजना हुई फेल
पुलिस और प्रशासन को एक दिन पूर्व में ही पंचायत होने की सूचना थी। उसके बावजूद पुलिस पूरी तरह से अलर्ट दिखाई नहीं दी। घटना के समय भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था, पुलिस के सामने युवाओं की भीड़ ने पथराव किया। कई वाहन क्षतिग्रस्त होने के बाद पुलिस की नींद खुली।