पुलिस कर्मियों ने मांगी माफी, समझौते के बाद काम पर लौटे सफाईकर्मी
मोदीनगर। दरोगा व सिपाही द्वारा सफाई कर्मी से मारपीट के मामले में शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच कई घंटे तक बैठक चली। पुलिस कर्मियों द्वारा माफी मांगने पर नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मी हड़ताल खत्म कर काम पर लौट गये। मामले में आरोपियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गयी।
बृहस्पतिवार को गांधी मार्केट में दरोगा व सिपाही ने अपने साथी साहिल के साथ खाना खा रहे सफाई कमी बिजेंद्र सिंह के साथ मारपीट की थी। इस पर गुस्साए नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मियों ने जमकर हंगामा किया था और दिल्ली-मेरठ हाईवे पर कूड़े के वाहन खड़े कर जाम लगा दिया था। इसके बाद मोदीनगर कोतवाली व कस्बा चौकी में कूड़े भर दिया था। पुलिस और सफाई कर्मियों के बीच नोंकझोंक भी हुई थी। पुलिस कर्मियों का आरोप था कि सफाई कर्मियों ने चौकी में तोड़फोड़ भी की। लेकिन सफाई कर्मियों ने आरोप का निराधार बताया था। इसके बाद सफाई कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया और और नगर पालिका परिषद कार्यालय के गेट पर धरना शुरू कर दिया था। पीड़ित सफाई कर्मी बिजेंद्र का आरोप था कि बृहस्पतिवार देर रात कुछ पुलिस कर्मी मेरे घर आये और मारपीट करते जबरन एक कागज पर मेरे हस्ताक्षर करा लिये। मामला बढ़ता देख पुलिस प्रशासन हरकत में आया, करीब दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में हल निकाला गया। एसडीएम आदित्य प्रजापति ने आलाधिकारियों से बात करके नगर पालिका परिषद में एक बैठक बुलाई। बैठक में अधिशासी अधिकारी शिवराज सिंह, सीओ सुनील सिंह, थाना प्रभारी मुनेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक सुदेश शर्मा, रणवीर दहिया, सतेन्द्र तोमर सहित सफाई यूनियन के कई नेता शामिल रहे। करीब दो घंटे से अधिक समय चली बैठक में जिन पुलिस कर्मियों पर मारपीट का आरोप था, उन्होंने खेद व्यक्त किया। इसके अलावा आगे से सफाई कर्मचारियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं करने की बात कही। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ली और काम पर लौट गये। एसडीएम आदित्य प्रजापति का कहना है कि अधिकारियों व सफाई यूनियन के बीच हुई बैठक में वार्ता के दौरान कुछ बातों पर सहमति बन गई है। मामले में उच्च अधिकारियों से जांच कराई जायेगी।