बच्चे बेचने को किराए की कोख का सौदा भी करता है गैंग
लोनी। डाबर तालाब कॉलोनी में 14 दिन के बच्चे को बेचने के मामले में पुलिस एक ऐसे गैंग के करीब पहुंच गई है जो किराए की कोख में पैसों के लिए बच्चों को पैदा कराता है। गैंग किराए की कोख वाली महिलाओं को दो से तीन लाख रुपये तक अदा करता है। बच्चा होने के बाद मोटी रकम लेकर निसंतान दंपतियों को बच्चा बेच देता है। मामले में पुलिस ने गैंग से जुड़ी कुछ महिलाओं को हिरासत में लिया है। वहीं, बच्चा बरामद करने में पुलिस के हाथ खाली है।
पुलिस जांच में पता चला है कि डाबर तालाब कॉलोनी में 14 दिन के बच्चा बेचने वाले आरोपियों का बहुत बडा रैकेट है जो यूपी ही नहीं, दिल्ली और हरियाणा में भी सक्रिय है। इस गैंग के सदस्य दिल्ली-एनसीआर के उन अस्पतालों और क्लीनिकों से संपर्क करते हैं, जहां निसंतान दंपती इलाज के लिए आते हैं। इलाज मे असफल दंपती से गैंग के सदस्य संपर्क करते हैं। वह दंपती से रकम लेकर बच्चा उपलब्ध कराते हैं। गैंग के सदस्य लोनी के डाबर तालाब कॉलोनी में रहने वाली ऐसे परिवार वालों से संपर्क करते हैं, जो पैसों के लिए अपनी कोख किराए पर देने के लिए तैयार हो जाते हैं। सदस्य महिलाओं से स्पर्म के जरिये महिलाओं को गर्भवती कराते हैं।
गर्भ के दौरान सारा खर्च, बाद में गैंग वसूलता है 5 लाख तक
गैंग ऐसी महिलाओं को गर्भ के दौरान आने वाले सभी खर्च उठाता है और बच्चा होने के बाद दो से तीन लाख रुपये भी महिलाओं को अदा करता है। इसके बाद गैंग चार से पांच लाख रुपये लेकर उन्हें निसंतान दंपतियों को बेच देता है। इसके अलावा गैंग के सदस्य गरीब और अपने बच्चों का लालन-पालन करने में असमर्थ परिवालों वालों से भी संपर्क कर उनसे बच्चे खरीद लेते हैं। डाबर तालाब कॉलोनी में भी इस गैंग के सदस्यों द्वारा ही बच्चों को बेचा गया है। पुलिस दबिश में कुछ महिलाओं को भी हिरासत में लिया है, जिनसे पुलिस को कुछ अहम सुराह हाथ लगे हैं।