सेना का अधिकार बन 48 हजार ठगे
गाजियाबाद। वैगनआर कार की बिक्री का झांसा देकर शातिर ने फर्जी आर्मी अफसर बनकर विजयनगर क्षेत्र निवासी निजी कंपनी के कंप्यूटर ऑपरेटर से 48 हजार रुपये ठग लिए। चरण सिंह कॉलोनी निवासी पीड़ित फूल सिंह का कहना है कि आरोपी द्वारा अलग-अलग बहानों से पैसों की डिमांड जारी रही तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद विजयनगर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। पुलिस का कहना है कि साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
चरण सिंह कॉलोनी निवासी फूल सिंह का कहना है कि वह नोएडा की निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। गत छह मई को उन्होंने फेसबुक पर एक वैगनआर कार बिक्री का विज्ञापन देखा। उस पर दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो कॉलर ने खुद का परिचय जैसलमेर राजस्थान में तैनात आर्मी ऑफिसर गुरमीत सिंह के तौर पर दिया। फूल सिंह का कहना है कि बातचीत के बाद कार का सौदा 65 हजार रुपये में तय हुआ। इसके बाद गुरमीत सिंह ने उनसे बिल्टी बनवाने के नाम पर 4150 रुपये खाते में डालने के लिए कहा। भरोसा दिलाने के लिए उसने अपना आधार कार्ड और आर्मी का कैंटीन कार्ड भी व्हाट्सएप पर भेजा। इसके बार उन्होंने गुरमीत द्वारा दिए गए अकाउंट नंबर में रकम ट्रांसफर कर दी। इसके बाद गुरमीत के कहने पर ही उन्होंने उसके खाते में 3 बार में 45 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बोला-फौजियों पर भरोसा नहीं है क्या
पीड़ित का कहना है कि आरोपी द्वारा बाकी पैसे मांगने पर उन्हें शक हुआ तो उन्होंने कार मिलने पर बाकी रकम देने की बात कही। इस पर आरोपी ने उन्हें अपनी दलीलों से झांसे में लेने की कोशिश की। कहा कि आर्मी ऑफिसर हूं। फौजियों पर भरोसा नहीं है क्या। हम वर्दी की लाज रखते हैं। आप पैसे ट्रांसफर कर दीजिए, कार घर पहुंच जाएगी। उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया तो आरोपी का मोबाइल नंबर बंद हो गया।