अपने हुनर के अनुसार चुनें स्टार्टअप
गाजियाबाद। तकनीकी युग में युवाओं के लिए संभावनाएं बढ़ने के साथ-साथ कॅरिअर संबंधी चुनौतियों में भी इजाफा हुआ है। सफलता के लिए सही कॅरिअर का चुनाव और दिशा बेहद जरूरी है। इसके लिए अपनी स्किल को बढ़ाएं। शैक्षिक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के साथ व्यक्तित्व विकास और संवाद कला पर ध्यान देना जरूरी है। अपनी स्किल के अनुसार स्टार्टअप शुरू करना सही निर्णय साबित होगा। करियर काउंसलर ने कम्युनिकेशन स्किल सुधारने के लिए लोगों के नाम को याद रखने, मुस्कुराकर मुलाकात करने, दूसरों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनने, किसी की अलोचना नहीं करने के साथ दूसरे व्यक्ति को पसंद आने वाले टॉपिक पर बात करने का प्रयास करने की सीख दी।
वहीं, व्यक्तित्व विकास के लिए सकारात्मक सोच व खुद पर आत्मविश्वास रखने, भावनाओं पर नियंत्रण रखने, गलतियों को स्वीकार करने, हमेशा सीखने के लिए तैयार रहने, खुश रहने व दूसरों की प्रशंसा करने, धैर्य रखने के साथ सांस लेने की सही कला सीखने पर भी जोर दिया। अमर उजाला अपराजिता के तहत आईएएमआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट में हुई कॅरिअर काउंसलिंग कार्यशाला में काउंसलर व पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव मिश्रा और असिस्टेंट प्रो. अनामिका पाल ने छात्राओं को सफलता के लिए कई टिप्स दिए। प्रो. संजीव मिश्रा ने बताया कि छात्राओं को अपनी ओवरऑल स्किल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। स्किल पर काम करने से रोजगार पाने और चुनौतियों का सामना करने में आसानी होगी। कॅरिअर में सफलता पाने में रचनात्मक सोच और संवाद कला (कम्युनिकेशन स्किल) का अहम योगदान है। संवाद कला में भाषा के साथ ही उठने, बैठने और चलने के परीके की परख होती है। असिस्टेंट प्रो. अनामिका पाल ने बताया कि कोर्स पूरा करने के बाद अपनी स्किल के अनुसार स्टार्टअप शुरू करना अच्छा निर्णय होगा। स्टार्टअप शुरू करने के लिए सरकारी स्कीम का लाभ उठाकर आसानी से लोन पाया जा सकता है।
सफलता के लिए स्किल पर ध्यान देना जरूरी है। संवाद कला में विकास के लिए दूसरों की बातों को धैर्य से सुनने के साथ किसी की आलोचना नहीं करने की सीख मिली। वहीं, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्टार्टअप की शुरुआत करने का मंत्र मिला। - शाक्षी शीतल, छात्रा
सफलता में व्यक्तित्व विकास का अहम योगदान है। ऐसे में सकारात्मक सोच और गलतियों को स्वीकार करने का महत्व समझा। कार्यशाला में व्यक्तित्व विकास के अन्य पहलुओं पर मेहनत के साथ काम करने की प्रेरणा मिली। -रिया कुमारी, छात्रा
सभी क्षेत्र में चुनौतियां बढ़ रही है, लेकिन वर्तमान में जरूरत है अपनी ओवरऑल स्किल पर काम करने की। कार्यशाला में धैर्य और सांस लेने की सही कला जानने के लिए योग को जीवन में अपनाने की सीख दी गई। - माही श्रीवास्तव, छात्रा
पत्रकारिता में संवाद कला का बड़ा महत्व है। इसलिए संवाद कला और बॉडी लैंग्वेज पर अब काम करूंगी। कौशल विकास और स्टार्टअप को प्रोत्साहन संबंधी योजनाओं का लाभ लेने का भी पता चला। - तान्या त्यागी, छात्रा
आईएएमआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के ग्रुप निदेशक डॉ. पीके वशिष्ठ ने बताया कि सफलता के लिए शैक्षिक स्तर पर प्रदर्शन के साथ व्यक्तित्व विकास जरूरी है। ऐसे में जरूरत है, पहले से अपनी स्किल पर ध्यान देने की। कार्यशाला के से छात्राओं को हुनर को तराशने और काम करने की सीख दी गई। छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।