जून तक एक लाख नए भवन आएंगे हाउस टैक्स के दायरे में
गाजियाबाद। शहर में किया जा रहा जीआईएस (जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम) सर्वे जून तक पूरा हो जाएगा। निगम अधिकारियों का अनुमान है कि करीब एक लाख नए भवन इस सर्वे के माध्यम से टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। इसके बाद नगर निगम की आमदनी में भी इजाफा होगा। जीआईएस सर्वे के दौरान ऐसे फ्लैट भी टैक्स के दायरे में आ जाएंगे जिनमें अभी लोगों ने रहना भी शुरू नहीं किया है।
दरअसल, बीते एक दशक में शहर में तेजी से बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक इमारतों का निर्माण हुआ है। नगर निगम के रिकार्ड में अभी तक यह भवन टैक्स के दायरे में नहीं आए हैं। इसके लिए शासन ने
गाजियाबाद में जीआईएस सर्वे शुरू कराया है। वसुंधरा जोन में मकानों का सर्वे पूरा हो जाने के बाद अब मोहननगर और कविनगर जोन में सर्वे शुरू हुआ है। जल्द ही विजयनगर और सिटी जोन में भी सर्वे शुरू होगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि इस सर्वे के दौरान सेटेलाइट से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की इमेज लेकर भवनों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा। इससे प्रत्येक भवन का डेटा नगर निगम के पास होगा और हर भवन टैक्स के दायरे में आ जाएगा। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि राजनगर एक्सटेंशन, वैशाली, वसुंधरा, क्रॉसिंग सिटी, सिद्धार्थ विहार, वेव सिटी, आदित्य वर्ल्ड सिटी समेत सभी हाउसिंग सोसायटियों में खाली पड़े फ्लैट भी टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। इससे करीब एक लाख नए भवन टैक्स के दायरे में आने की संभावना है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का कहना है कि जून तक जीआईएस सर्वे पूरा हो जाएगा। सर्वे के होने से नगर निगम की टैक्स से होने वाली आमदनी में भी इजाफा हो जाएगा।