हर गांव से एक ट्रैक्टर पंद्रह किसानों के साथ 10 दिन के लिए पहुंचेगा यूपी गेट
साहिबाबाद। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन को जारी रखने के लिए भाकियू नेतृत्व ने अब नया फार्मूला तैयार किया है। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हर गांव के 15 किसानों को एक ट्रैक्टर से 10 दिन के लिए आंदोलन स्थल पर पहुंचने का आह्वान किया है। उन्होंने मंच से संबोधन में आंदोलन को इस फार्मूले की तर्ज पर आगे बढ़ाने का एलान किया। वहीं, भाकियू के मीडिया प्रभारी ने कहा कि सरकार इन कानूनों के जरिए ब्रिटिश सरकार के 122 साल के इतिहास को दोहरा रही है।
किसान आंदोलन में बृहस्पतिवार को यूपी गेट पर पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, मथुरा और अलीगढ़ से कई किसानों के साथ समर्थक भी पहुंचे। यहां सभी ने किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मांगे पूरी न होने तक साथ खड़े होने की बात कही। दोपहर बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों को मंच पर पहुंचकर संबोधित किया। कहा कि सरकार से अभी तक मीटिंग की कोई तारीख नहीं मिली है। जबकि किसान शुरू से ही बातचीत से समाधान निकलने की बात कह रहे हैं। उन्होंने आंदोलन को अक्तूबर तक चलाने की बात को दोहराया, कहा कि अब आंदोलन को नए फार्मूले पर चलाया जाएगा। जिसमें एक गांव से 15 किसान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर 10 दिन के लिए आंदोलन स्थल पर आएंगे। यहां सभी आंदोलन को मजबूती देंगे और फिर संयुक्त मोर्चा की रणनीति को सफल बनाने के लिए काम करेंगे।
उधर, मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि ब्रिटिश सरकार जमीन का मालिकाना हक न होने का कानून लेकर आई थी। अब 122 साल बाद फिर वही इतिहास दोहराया जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेताया कि सभी किसानों की एकमत राय है। इस बीच मीडिया प्रभारी ने सभी वक्ताओं को सचेत किया कि कोई भी मंच से राजनेताओं के नाम न लें। जबकि छह फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चक्का जाम को सफल बनाने की रणनीति तय करने का भी उन्होंने एलान किया।