कोरोना योद्धाओं को दी गई दूसरे चरण की पहली डोज
गाजियाबाद। कोरोना टीकाकरण में दूसरे चरण के अभियान के पहले दिन फ्रंटलाइन वर्कर्स पुलिस लाइन स्थित अस्पताल, एनडीआरएफ आठवीं बटालियन, सीआईएसएफ, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को टीकाकरण लगाया गया। शुक्रवार को 64 प्रतिशत कर्मियों ने टीका लगवाया। एनडीआरएफ, पीएसी के जवानों ने टीकाकरण के लिए उत्साह दिखाया, जबकि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी टीका लगवाने से बचते दिखे।
शुक्रवार को 4909 लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य था, जबकि इनमें से 3129 लोगों ने डोज ली। इसमें 2092 स्वास्थ्य कर्मियों ने टीकाकरण करवाया और 1037 फ्रंट लाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया गया। नगर निगम कर्मचारियों के टीकाकरण नहीं करवाने के पीछे नगर निगम की लापरवाही है। निगम ने खुद पोर्टल पर लाभार्थियों की सूची अपडेट की थी, जिसमें बहुत सी गलतियां थीं। एक ही मोबाइल नंबर पर कई कर्मचारियों के नाम अपडेट किए गए थे। निगम कर्मचारियों ने टीकाकरण में रुचि भी नहीं दिखाई। जिले में दूसरे चरण के टीकाकरण के लिए 15 केंद्र बनाए गए थे। कमला नेहरू नगर स्थित आठवीं बटालियन एनडीआरएफ अस्पताल में उत्साह के साथ टीकाकरण अभियान संपन्न हुआ। बटालियन के मीडिया प्रभारी वसंत पावड़े ने बताया कि पहला टीका एनडीआरएफ के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल कुमार को लगाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित मुरारी ने बताया कि कमांडेंट पीके तिवारी समेत 250 पदाधिकारी तथा जवानों को टीका लगाया गया। बटालियन में 1300 जवानों को टीका लगाया गया। इनमें पहले दिन 250 जवानों का टीकाकरण हुआ।
पीएसी और पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का टीकाकरण पुलिस लाइन स्थित अस्पताल में शुरू किया गया। पीएसी में 500 और पुलिस विभाग में 250 जवानों का टीकाकरण कराने का लक्ष्य था, पीएसी 41वीं वाहिनी, 47वीं वाहिनी में शतप्रतिशत टीकाकरण हुआ।
सीएमओ एनके गुप्ता ने बताया कि सभी विभागों को टीकाकरण की सूचना दी गई थी। इनमें से कुछ विभागों में पहले दिन का टीकाकरण काफी अच्छा हुआ है, जबकि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने उत्साह नहीं दिखाया। इस संबंध में अधिकारियों को जानकारी देकर टीकाकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी जा रही है।