- घटना के वक्त पड़ोस की फैक्टरी के मजदूर खड़े थे बाहर, उन्होंने किसी को आते-जाते न देखने की बात
- प्लॉट के जिस खरीदार ने दिए थे 41 लाख, उसने भी डकैती का नाटक रच रकम हड़पने का लगाया आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद/लोनी। चार दिन पहले ट्रॉनिका सिटी अंसल में प्रॉपर्टी कारोबारी छोटे खां के घर दिनदहाड़े हुई एक करोड़ की डकैती फिलहाल उलझी हुई है। पुलिस की अब तक की जांच में ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि कारोबारी के घर में किसी बाहरी व्यक्ति की एंट्री हुई थी। लिहाजा पुलिस के शक की सुई कारोबारी के परिजनों के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लूटपाट और डकैती की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोहों पर भी काम चल रहा है। सभी बिंदुओं पर मामले की जांच जारी है।............
कारोबारी छोटे खां के परिजनों के मुताबिक गत 26 मई को हथियारबंद छह बदमाश घर में घुसे थे। परिवार को बंधक बनाकर बदमाश एक करोड़ रुपए और लाखों के जेवर लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौका-मुआयना किया था, तो वहीं फॉरेंसिक की टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फॉरेंसिक की प्रारंभिक जांच में कारोबारी के घर में किसी बाहरी की एंट्री होने की बात सामने नहीं आई है। इसके अलावा कारोबारी के पड़ोस में ही एक फैक्टरी है। घटना के दौरान फैक्टरी के मजदूर बाहर खड़े हुए थे पुलिस ने उनके भी बयान दर्ज किए हैं। मजदूरों का भी कहना है कि उन्होंने किसी को कारोबारी के घर आते जाते नहीं देखा। वहीं, कारोबारी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे एक सप्ताह से खराब थे, लेकिन पड़ोस में लगे कैमरों में कुछ संदिग्ध लोग कैद हुए थे। उन संदिग्धों के भी कारोबारी के घर जाने के प्रमाण नहीं मिले हैं।
घटना संदिग्ध तो कहां गए 95 लाख.........
फॉरेंसिक टीम की जांच और फैक्टरी कर्मचारियों के बयानों के आधार पर पुलिस डकैती की घटना को संदिग्ध मान रही है। लेकिन अगर घटना को संदिग्ध मान भी लिया जाए तो बड़ा सवाल यह है कि कारोबारी के घर में रखे 95 लाख रुपए आखिर कहां है। पुलिस का मानना है कि इसके पीछे भी परिवार के ही किसी सदस्य का हाथ है। पुलिस अब उस व्यक्ति को ट्रेस करने में जुटी हुई है।
कारोबारी और किराएदार एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप......
दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक बदमाश कारोबारी छोटे खां के 5 लाख, उसके भाई मोइनुद्दीन के 41 लाख रुपये और किरायेदार साजिद के 50 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए थे। मोइनुद्दीन का कहना है कि उन्होंने गाजियाबाद निवासी एक व्यक्ति का प्लॉट दिल्ली निवासी को खरीदवाया था। दिल्ली निवासी खरीदार ने उन्हें रकम दी थी, जो प्लॉट मालिक को पहुंचाने थी। पुलिस का कहना है कि कारोबारी के परिजन डकैती की घटना के बाद से लगातार अपने बयान बदल रहे हैं। इस सबके बीच अब कारोबारी और किराएदार एक-दूसरे पर घटना कराने का इल्जाम लगा रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली निवासी खरीदार ने भी रकम हड़पने की नीयत से कारोबारी पर ही डकैती की घटना दर्शाने का आरोप लगाया।
परिजनों समेत 40 लोगों से हो चुकी पूछताछ......
पुलिस चार दिनों में पीड़ित परिवार के लोगों समेत 40 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। हालांकि, कुछ और लोग पुलिस की सूची में शामिल हैं, जिनसे अभी पूछताछ बाकी है। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि घटना की हर बिंदु पर जांच चल रही है। लूटपाट और डकैती डालने वाले गिरोहों पर भी काम चल रहा है। कारोबारी का परिवार भी शक के दायरे में है। साक्ष्य जुटाकर घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।