- कई अन्य डाक्टरों ने भी लगाया था अभद्रता का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। वैक्सीन स्टोर प्रभारी द्वारा आए दिन डाक्टरों से दुर्व्यवहार व गाली-गलौच करने के मामले में डाक्टरों के तेज विरोध के चलते सीएमओ ने हटा दिया। उनके स्थान पर जिला स्वास्थ्य निरीक्षका ऊषा कौशिक को वैक्सीन स्टोर का प्रभार दिए जाने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ का कहना है कि इस महामारी के समय में वैक्सीन स्टोर पर 24 घंटे संचालित करने के लिए अनुभवी स्टाफ को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ मलेरिया विभाग से चार साल से गायब मलेरिया इंस्पेक्टर अविनाश काम पर वापस आ गए। मामले की जांच जारी है।
करहेड़ा स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. नेहा गोस्वामी ने सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में कहा था कि वह वर्तमान में करहेड़ा के साथ शालीमार गार्डन स्वास्थ्य केंद्र का भी कार्यभार संभाल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि सात मई को जिला वैक्सीन स्टोर के प्रभारी रामबाबू गौतम ने फोन पर उनके साथ गाली गलौज और अभद्रता की। डाक्टरों ने सीएमओ को दिए पत्र में आरोप लगाया था कि इसके पहले भी दो पूर्व प्रतिरक्षण अधिकारी, एक वाहन चालक एवं कई डाक्टर भी शिकायत कर चुके थे। डाक्टरों का कहना था कि स्वास्थ्य क्षेत्र में इस प्रकार व्यवहार उचित नहीं है। इससे अधिकारी और कर्मचारी का मनोबल कमजोर होता है।
सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि इस मामले की जांच जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ आरके गुप्ता को सौंपी गई थी, उन्होंने जांच में आरोप को सही पाया, इसके बाद रामबाबू को वैक्सीन स्टोर से हटाकर मूल पद पर कार्टे स्थित नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर ट्रांसफर कर दिया गया है। लोनी व भोजपुर में एआरओ की पोस्ट खाली होने के बावजूद नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर एआरओ की नियुक्ति सीएमओ कार्यालय में चर्चा का विष बनी रही।
मलेरिया इंस्पेक्टर के मामले में जांच कर रहे जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ आरके गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। कुछ बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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आशुतोष यादव