- गांव अटौर स्थित जमीन की खरीद-फरोख्त में खरीदार और विक्रेता ने सक्षम अधिकारी से नहीं ली अनुमति
- बाद में खरीदार ने फर्जी साक्ष्यों के आधार पर अनुमति लेने की कोशिश की, जांच में खुली पोल
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। जलालाबाद परगना के गांव अटौर में सक्षम अधिकारी से अनुमति लिए बिना जमीन की खरीद-फरोख्त करने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, बाद में खरीदार ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन के संबंध में अनुमति लेने की कोशिश की, जो जांच में पकड़ी गई। इसके बाद अटौर क्षेत्र के लेखपाल ने आरोपी के खिलाफ नंदग्राम थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।.............
अशोक कुमार कौशिक का कहना है कि वह जलालाबाद परगना में अटौर क्षेत्र के लेखपाल हैं। गांव नायफल निवासी विपिन के द्वारा गांव अटौर स्थित खसरा संख्या 1422/2, 1448/2 तथा 1448 की कील रकबा .759 हेक्टेयर जमीन घासीराम नाम के व्यक्ति से खरीदी गई थी। जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए खरीदार और विक्रेता ने सक्षम अधिकारी या उप जिलाधिकारी से कोई अनुमति प्राप्त नहीं की। इसके बाद विपिन ने प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र देकर उक्त जमीन को बेचने की अनुमति बनवा ली, जो कि नियम विरुद्ध है। लेखपाल का कहना है कि शपथ पत्र और संलग्न साक्ष्यों के आधार पर अनुमति के लिए आख्या जून 2020 को संयुक्त रूप से भेजी गई थी। जिसके आधार पर सक्षम अधिकारी द्वारा कोई स्वीकृति नहीं दी गई है। लेखपाल का कहना है कि विपिन द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्य फर्जी हैं। ऐसे में उसके खिलाफ कार्रवाई किया जाना जरूरी है। नंदग्राम एसएचओ नीरज कुमार सिंह का कहना है कि लेखपाल की तहरीर के आधार पर नायफल निवासी विपिन के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।