बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक पर कर्मचारियों की तनख्वाह काटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीडि़त पक्ष ने जब आरोपी से रुपये मांगे तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की और भविष्य में हत्या की धमकी दी है। पीडि़त पक्ष ने एसएसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव बिसुंधरा निवासी मनोज कुमार ने एसएसपी को पत्र भेजा। जिसमें उन्होंने बताया कि वह एक सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से दिल्ली रोड स्थित एक विद्यालय में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात है। उक्त सिक्योरिटी एजेंसी का विद्यालय के साथ कांट्रेक्ट था। जिसमें पीडि़त की तनख्वाह १६,९५८ रुपये तय थी। इसी प्रकार एजेंसी की ओर से नई मंडी चौकी क्षेत्र के गांव हीरापुर निवसी करन, नगर कोतवाली के देवीपुरा निवासी अनीता देवी, कोतवाली देहात के गांव मिर्जापुर निवासी आकाशदीप और शांतिनगर भूड़ निवासी किरन देवी को भी स्वीपर के रूप में रखा गया था। जिनकी तनख्वाह ९१०० रुपये तय थी। आरोप है कि एजेंसी संचालक ने उनसे एक स्टांप पर भी साइन करा लिए थे। तनख्वाह पूरी आने पर आरोपी पीडि़त से आठ हजार रुपये और अन्य पीडि़तों से १५००-१५०० रुपये जबरने ले लेता था। न देने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी। आरोप है कि बीते दिनों एजेंसी का स्कूल से कांट्रेक्ट समाप्त हो गया। जिसके बाद पीडि़त पक्ष ने आरोपी संचालक से अपने कटौती की रकम वापस मांगी। जिस पर आरोपियों ने रुपये देने से इंकार कर दिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट भी की गई। साथ ही भविष्य में रुपये मांगलने पर हत्या की धमकी दी है। नगर कोतवाली पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर पीडि़त ने एसएसपी से गुहार लगाई है।