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पड़ोसी ने ही तीस लाख की फिरौती के लिए किया था कारोबारी के बेतेवक अपहरण, सात गिरफ्तार

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बुलंदशहर। नगर कोतवाली पुलिस ने टाइल्स व्यापारी के अपहृत पुत्र गौरव को 60 घंटे बाद बुधवार देर रात सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। अपहरणकर्ताओं ने 30 लाख रुपये फिरौती के लिए युवक को अगवा किया था। पकड़े गए आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त कार के अलावा अवैध असलहा भी बरामद किया गया है। गौरतलब है कि गत एक फरवरी की सुबह नगर के चांदपुर रोड स्थित शिवपुरी कालोनी निवासी टाइल्स व्यापारी विजय सिंह के पुत्र गौरव (20) को नीले रंग की एक कार से अगवा कर लिया गया था। एसएसपी द्वारा घटना के खुलासे के लिए नगर कोतवाली पुलिस के अलावा सर्विलांस टीम और स्वाट टीम को भी लगाया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार के नंबर का पता लगाकर तलाश शुरू की। इस दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। बुधवार रात को नगर कोतवाल अखिलेश त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इंदिरा कालोनी स्थित एक मकान में दबिश देकर वहां से अपहृत गौरव को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने दो महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनकी शिनाख्त कालू निवासी गांव नैथला कोतवाली देहात, पीडि़त का पड़ोसी राजकुमार उर्फ बबलू निवासी चांदपुर रोड शिवपुरी कालोनी कोतवाली नगर, देवेंद्र उर्फ छोटेल्ला निवासी गांव औरंगपुर गढिया जहांगीराबाद, इकबाल निवासी इंदिरा कालोनी कोतवाली देहात, भारत निवासी चांदपुर रोड कोतवाली नगर, कोमल निवासी चांदपुर रोड कोतवाली नगर और अन्नू निवासी गांव नैथला कोतवाली देहात के रूप में हुई। पकड़े गए आरोपियों के पास से दो तमंचे, कारतूस, एक चाकू और अन्य सामान बरामद हुआ। एक आरोपी वहां से भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त नीले रंग की कार भी बरामद कर ली है। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया कि 30 लाख रुपये की फिरौती के लिए उनके द्वारा गौरव का अपहरण किया गया था। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर उनका चालान कर दिया गया है। पड़ोसी ही निकला मास्टरमाइंड, परिजनों संग दिखा रहा था सहानुभूति अपहरण का पूरा खाका टाइल्स व्यापारी के पड़ोस में ही रहने वाले राजकुमार ने तैयार किया था। राजकुमार पर पूर्व में भी हत्या, लूट और हत्या की कोशिश के पांच मामले दर्ज हैं। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे जानकारी थी कि टाइल्स व्यापारी का अच्छा कारोबार है, इस कारण उसने उसके पुत्र को अपहरण करने की योजना अपने साथियों संग बनाई थी। साथ ही अपहरण के बाद से वह पीडि़त परिजनों के साथ सहानुभूति जता रहा था और उनके साथ युवक गौरव की तलाश में भी लगातार जुटा हुआ था। पुलिस ने बताया कि आरोपी राजकुमार और उसके साथी पिछले करीब दस-पंद्रह वर्ष से निष्क्रिय थे। एक माह में तीन बार कर चुके थे अपहरण की कोशिश आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले करीब एक माह से गौरव के अपहरण की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने तीन बार असफल कोशिश की थी। आरोपियों ने 31 जनवरी को भी अपहरण की योजना बनाई थी, लेकिन उस दिन गौरव अपने पिता के साथ बाहर गया था, इस कारण उस दिन भी विफल रहे थे। पीडि़त गौरव के चल रहे थे व्रत, खाने में देते थे नशीला दूध और फल गौरव का अपहरण एक फरवरी यानि सोमवार सुबह हुआ था। उसने सोमवार से ही पांच दिन के लिए भगवान शिव के व्रत रखने शुरू किए थे। कार से अपहरण के बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और फिर नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया था। गौरव ने बताया कि आरोपी उसे सुबह और शाम को दूध में नशीला पदार्थ देते थे, साथ ही फल भी खाने के लिए देते थे। 422 कार और 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज पुलिस ने मामले में एआरटीओ कार्यालय से जांच पड़ताल शुरू की और करीब 2200 कार का डाटा निकलवाया। इसके बाद उनमें से 422 नीले रंग की कार का डाटा अलग किया गया और उसके आधार पर जांच की गई। साथ ही जांच के दौरान करीब 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। कोट टाइल्स व्यापारी के पुत्र गौरव को 30 लाख रुपये की फिरौती के लिए अगवा किया गया था। अपहृत युवक को सकुशल बरामद करते हुए दो महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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