गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन फिर समाप्त हो गया है। इससे कुत्ते बंदर एवं जानवरों के काटने से घायलों को इलाज कराने में परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 120 से 150 घायलों को अस्पताल में वैक्सीन लगाई जाती है। आपूर्ति कम होने से अस्पताल में लगभग हर 15 से बीस दिन में पिछले दो साल से एंटी रैबीज की कमी हो रही है।
वर्तमान में केवल तीन या चार खुराक से ही पूरा इलाज हो जाता है। निजी नर्सिंग होम या अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने का खर्च तीन से चार हजार रुपये तक पड़ जाता है।
जिले में केवल एक ही सरकारी अस्पताल, जिला एमएमजी अस्पताल में सामान्य मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। कोविड एल-2 बनने के चलते संयुक्त अस्पताल में सामान्य मरीजों का उपचार बंद किया हुआ है। ऐसे में लोगों को केवल एमएमजी अस्पताल में आना पड़ता है। वहीं जिला एमएमजी अस्पताल में पिछले तीन दिन से एंटी रैबीज समाप्त हो गया है।