नीमा ने किया आईएमए की हड़ताल का विरोध
गाजियाबाद। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की 11 दिसंबर को प्रस्तावित हड़ताल का विरोध किया है। अध्यक्ष डा. हिमांशु खुराना ने बताया कि आईएमए ने आईएसएम के डॉक्टरों का दो वर्ष का कोर्स बता कर अपनी अज्ञानता का परिचय दिया है। इसी अज्ञानता के कारण आईएमए सरकार के फैसले का विरोध कर रही है। हाल ही में सरकार ने आईएसएम चिकित्सकों को सर्जरी का अधिकार देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बीएएमएस का कोर्स भी एमबीबीएस की तरह साढ़े पांच वर्ष का है। जिसमें छह माह एलोपैथिक और छह माह आयुर्वेदिक इंटर्नशिप होती है। इसके बाद मास्टर कोर्स में शल्य, शलाक्य, काय चिकित्सा एवं अन्य आयुर्वेदिक क्षेत्र में मास्टर डिग्री दी जाती है। सचिव डा. रवि छाबड़ा ने कहा कि नीमा आईएमए की हड़ताल का विरोध करती है। इस दिन नीमा से जुड़े सभी अस्पताल और क्लीनिक खुलेंगे और मरीजों को सेवाएं देंगे। इसके अलावा जगह-जगह निशुल्क शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।