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एक सोसायटी से शुरू होकर 20 सोसायटी तक पहुंचा अभियान

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रश्मि ओझा गाजियाबाद। बेकार प्लास्टिक जहां लोगों की सेहत के लिए खतरनाक होता है। वहीं पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाने का काम करता है। लेकिन कुछ जागरूक युवा महिलाओं ने इस बेकार प्लास्टिक को रिसायकल करवाने के लिए अनूठी पहल की है। इसके अलावा इंदिरापुरम की लगभग 20 और सोसायटी इसी तरह की मुहीम में शामिल हो गई हैं। क्रासिंग रिपब्लिक में गोल्फ विस्टा सोसायटी की महिलाओं ने इस मुहीम को सबसे पहले शुरू किया था। इसके अलावा इंदिरापुरम में आदित्य मेगा सिटी की श्वेता कंचन ने इसकी शुरूआत की है। यह महिलाएं अपने घर, बच्चों और नौकरी के बाद अलग से समय निकाल कर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दे रही हैं। क्रासिंग रिपब्लिक के गोल्फ विस्टा सोसाइटी की रहने वाली ये महिलाएं बेकार प्लास्टिक को उपयोगी बनाने के काम में जुटी हुई हैं। सोसाइटी की इन महिलाओं ने एक एनजीओ के माध्यम से नामी कंपनी के साथ अनुबंध किया। इस अनुबंध के महिलाएं के इस ग्रुप ने बेकार प्लास्टिक जैसे दूध के खाली पैकेट, बोतल, पालीथिन और अन्य प्लास्टिक वस्तुओं को एकत्र कर एनजीओ के माध्यम से बिसलरी को भेजने का काम शुरू किया है। कंपनी द्वारा इस बेकार प्लास्टिक को रिसाइकल करके उपयोगी बस्तुएं बनाई जा रही हैं। इससे जरूरतमंदों के लिए कपडे़, जूते,फर्नीचर सहित अन्य जरूरत का सामान तैयार किया जाता है। इनसेटः इंदिरापुरम की 20 सोसायटी हुई शामिल दिल्ली स्थित भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संघ एनजीओ की शुरूआत "माई 10 केजी प्लास्टिक" अभियान में इंदिरापुरम की 20 सोसायटी के लोग शामिल हुए हैं। यह एनजीओ दिल्ली-एनसीआर में प्लास्टिक पिक-अप सुविधा प्रदान करती है। संस्थापक और निदेशक आशीष जैन ने बताया कि इंदिरापुरम की 20 सोसाइटी प्लास्टिक के खतरे से पृथ्वी की रक्षा के लिए एकजुट हुई है। यह सोसायटी हैं आदित्य मेगा सिटी, आम्रपाली ग्रीन, एसपीएस रेसीडेंसी, पार्श्वनाथ मैजेस्टिक, एटीएस, जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स, आशियाना उपवन, निहो स्कॉटिश गार्डन, एंजेल मरक्यूरी अपार्टमेंट, ऋषभ क्लाउड 9, गौर ग्रीन सिटी, महागुन मेन्शन, शिप्रा सन सिटी, शिप्रा कृष्णा विस्टा, अरिहंत रेसीडेंसी, प्रिंसेस पार्क, पाम स्ट्रीट सोसाइटी, मनोज विहार, सिद्धि विनायक अपार्टमेंट आदि। इस अभियान को ‘प्लास्टिक ट्रूपर्स इंदिरापुरम’ नाम दिया है। इसकी शुरूआत भी एक महिला श्वेता कंचन ने किया था। इनसेटः सोसायटी के सभी लोगों का मिलता है सहयोग महिलाओं के इस ग्रुप ने सोसाइटी में डस्टबिन रखे हुए हैं। जिसमें उन्होंने वेस्ट प्लास्टिक को डालने के लिए सोसाइटी में रहने वालों को कहा जाता है। महिलाओं का यह ग्रुप लोगों को प्लास्टिक कचरे में फेंकने के बजाय अलग डस्टबीन में डालने को जागरूक करती हैं। इसमें प्लास्टिक की बोतल सहित, दूध की थैली, चिप्स नमकीन के पैकेट सहित हर प्रकार की प्लास्टिक की चीज को एकत्र कराया जाता है। इसके बाद एनजीओ की गाड़ी आकर बेकार प्लास्टिक को ले जाती है। --- क़ोट्स मुझे पहले इसकी जानकारी मिली और मैने सोसायटी में सभी से इसके बारे में बताया। सभी ने प्लास्टिक से होने नुकसान को जानते हुए एक बार में सहयोग देने को तैयार हो गए। मेरा साथ अब स्वाति, शशि, मंजू, प्रिया सहित 10-15 महिलाएं जुड़ गई हैं। ऋतिका ,गोल्फ विस्टा ---- ऐसी पहल करने वाली क्रांसिग रिपब्लिक की यह पहली सोसाइटी है। इस कार्य में लगी महिलाओं की सराहना भी लोग कर रहे हैं। कुछ जागरूक लोग बेकार प्लास्टिक को एकत्र कर हमें फोन कर उनको कलेक्ट करने के लिए बुलाते हैं। दूध के पैकेट्स को धो कर, बोतलों को धो कर रखते हैं जिससे हमें स्मेल ना आए। नीता नरूला, गोल्फ विस्टा ------- मैं प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरण के नुकसान से हमेशा चिंतित रहती थी। शुरू में पौधारोपण अभियान से जुड़ी और जब इस मुहीम का पता चला तो मैंने सभी को जागरूक करने का सोचा। इसके बाद 10 महिलाएं जुड़ीं और अब 2000 निवासी इसमें शामिल हो गए हैं। मुझे लगा है कि जरुरी नहीं कि कोई बड़ा काम ही किया जाए। हर नागरिक इसी तरह से छोटे-छोटे योगदान देकर एक अच्छे नागरिक होने का फर्ज अदा कर सकता है। श्वेता कंचन, हाउसवाइफ ,आदित्य मेगा सिटी वायू प्रदूषण से लेकर पर्यावरण के क्षेत्र से जुड़े कार्य में करता हूं। वेस्ट मैनेजमेंट खासकर प्लास्टिक और अन्य कचरे का मैनेजमेंट होता है। इसमें लोगों का सहयोग काफी मिल रहा है। इस वेस्ट प्लास्टिक से कई चीजें तैयार होती हैं। आशीष जैन, आईपीसीए, निदेशक
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