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नहाय खाय के साथ आज से शुरू होगा चार दिवसीय छठ पर्व

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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। दिवाली, भैया-दूज के बाद अब छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर है। गाजियाबाद में बिहार और उत्तर-प्रदेश के लाखो परिवार छठ पर्व को आस्था और पवित्रता के साथ मनाते हैं। कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी इस बार 20 नवंबर को है। इसको लेकर प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।इस बार घाट के बजाए सोसायटी और घरो में लोग छठ पूजा करने की योजना बना रहे हैं। 18 नवंबर से शुरू होने वाले चार दिवसीय छठ व्रत में व्रती पूरे 36 घंटे निर्जला रहते हैं। इसके लिए दिवाली से ही लोगों केघर का माहौल सात्विक हो जाता है। मिथिलांचल सेवा समिति के अध्यक्ष पवन झा ने बताया कि जिनके घरों में छठ पूजा होती है वह दिवाली के बाद से घर या बाहर कहीं भी प्याज लहसुन का सेवन नही करते । कई लोग पूरे कार्तिक मास में ही प्याज-लहसुन और मांसाहार से परहेज करते हैं। अथर्व वेद में भी इस पर्व का उल्लेख है। ऐसी मान्यता है कि छठ व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। आरोग्य, पुत्र प्राप्ति, अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि के लिए लोग इस व्रत को करते हैं। इसका प्रारंभ महाभारत काल में कुंती द्वारा सूर्य की आराधना कर पुत्र की प्राप्ति के समय से माना जाता है। छठ महोत्सव 18 से 21 तक चार दिवसीय छठ पूजा महोत्सव का आरंभ 18 नवंबर से शुरू हो जाएगा। पंडित अनीत शुक्ला ने बताया कि 18 नवंबर को नहाय-खाय है। इस दिन लोग गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान कर घर की साफ-सफाई करके सेंधा नमक में बने शुद्ध भोजन का सेवन करेंगे। उसी दिन छठ पर्व की खरीददारी की जाएगी। 19 नवंबर को खरना किया जाएगा जिसमें व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत रहने के बाद शाम को गुड़ की बनी खीर और रोटी या पूड़ी का सेवन करेंगे। उसके बाद उस प्रसाद को सभी लोग ग्रहण करेंगे। 20 नवंबर को छठ व्रत है जिसमें पूरे दिन निर्जला रहकर शाम को सूर्य भगवान को अघ्र्य देंगे और 21 नवंबर को उगते हुए सूर्य को अघ्र्य देकर व्रत का परायण करेंगे।
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