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प्रदूषण से बचाव देगा कई बीमारियों से राहत
- स्वस्थ लोग भी गले में खराश व खांसी से परेशान
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। प्रदूषण के साथ ही मौसम में बदलाव होने पर जो लोग बीमार नहीं है, वह भी पिछले कई दिनों से खांसी व गले में दर्द से परेशान हैं। यही नहीं ग्रामीण हो या नगरीय हर क्षेत्र में लोग वायरल बुखार, डेंगू व जुुकाम की चपेट में आ रहे हैं।
वायरल बुखार होने के कारण
मौसम के बदलने पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर लोग बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। इसके अलावा दूषित जल एवं भोजन का सेवन, प्रदूषण के कारण दूषित वायु में मौजूद सूक्ष्म कणों का शरीर के भीतर जाना, किसी भी बीमारी से ग्रसित मरीज की चपेट में आने से भी लोग बीमार हो जाते हैं।
इन लक्षणों को न करें नजद अंदाज
सिर दर्द, आंखों में लाली तथा जलन रहना। उल्टी और दस्त का होना। वायरल बुखार ठीक होने में 5-6 दिन भी लग जाते है। थकान, पूरे शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान बढ़ना, खांसी जोड़ो में दर्द, दस्त, त्वचा के ऊपर रैशेज होना, सर्दी लगना, गले में दर्द,शुरूआती दिनों में गले में दर्द, थकान, खांसी जैसी समस्या होती
वायरल फीवर से बचाव के उपाय
- जीवनशैली में और खान-पान में थोड़ा बदलाव लाने पर बीमारी से बच सकते हैं।
- खाने में उबली हुई सब्जियां, हरी सब्जियां खाना चाहिए।
- दूषित पानी एवं भोजन से बचें। पानी को पहले उबाल कर थोड़ा गुनगुना ही पिएं।
- वायरल बुखार से ग्रस्त रोगी के संपर्क में आने से बचें।
- मौसम में बदलाव के समय उचित आहार-विहार का पालन करें।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए आयुर्वेदिक उपचार एवं अच्छी जीवन शैली को अपनाएं।
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इस मौसम में दवाई से अधिक बचाव की जरूरत है। गर्म पानी पिएं, बासी खाना या डिब्बा बंद चीजें खाने से बचें। अगर घर में कोई बीमार है तो कोशिश करें कि मरीज उपेक्षित न हो, लेकिन उसके खाने-पीने की सामान, कपड़े और बर्तन अलग रखें।
डा. अलका यादव, जिला एमएमजी अस्पताल
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आशुतोष यादव