गाजियाबाद विकास प्राधिकरण कार्यालय
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सबहेडः प्रदूषण पर प्रहार को जीडीए की सख्ती, गंदगी फैलाने वालों पर कसी जाएगी नकेल, जीडीए की विभिन्न योजनाओं में खाली पड़े हैं 1835 भूखंड
- जोन प्रभारी टीम बनाकर रखेंगे नजर, लगातार कूड़ा डालने की शिकायत पर एक्शन
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। प्रदूषण पर प्रहार के लिए जीडीए की ओर से विभिन्न योजनाओं में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अब प्राधिकरण की योजनाओं में खाली पड़े भूखंडों में कूड़ा मिलने पर आवंटियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही खाली पड़े भूखंडों में कूड़े के ढेर को तत्काल साफ कराने के प्रवर्तन प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न जोन में प्रवर्तन अनुभाग की टीम खाली पड़े भूखंडों में कूड़ा डालने वालों पर नजर रखेगी।
जीडीए के विभिन्न जोन में करीब 1835 भूखंड खाली पड़े हैं। निर्माण न होने और देखरेख के अभाव में खाली पड़े भूखंडों में कूड़ा जमा हो गया है। स्थानीय लोगों ने खाली प्लॉटों में लगे कूड़े के ढेर की जीडीए में कई बार शिकायत की है। ग्रैप लागू होने के बाद प्राधिकरण ने इस दिशा में भी सख्ती करनी शुरू कर दी है। प्रवर्तन के साथ अभियंत्रण अनुभाग के अधिकारी नियमित तौर पर योजनाओं में निरीक्षण करेंगे। सबसे पहले कूड़ा मिलने पर उसे तत्काल रूप से साफ कराया जाएगा।
कूड़ा साफ कराने के बाद आवंटियों या फिर कूड़ा डालने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा। प्राधिकरण की ओर से सालों पहले भूखंड खरीदने और निर्माण नहीं करने वालों पर कढ़ाई की जाएगी। खाली पड़े भूखंडों के आवंटियों को नोटिस जारी कर कूड़े के साथ निर्माण न करने का कारण पूछा जाएगा। ऐसे आवंटियों को पूर्व में तय समयसीमा के अंदर निर्माण शुरू करने पर भूखंड का आवंटन निरस्त करने की भी चेतावनी दी गई थी। ऐसे में प्रदूषण को लेकर उठाए जा रहे कड़े कदमों के कारण ऐसे आवंटियों पर शिकंजा कसेगा। जीडीए सचिव ने प्रवर्तन, अभियंत्रण अनुभाग के अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। जीटीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि खाली प्लॉटों में कूड़े के लगे ढेर की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। अधिकारियों को तत्काल कूड़ा साफ कराने के साथ दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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