निर्माणाधीन बुनकर मार्ट प्रोजेक्ट
- फोटो : Amar Ujala
सबहेडः 233 करोड़ के प्रोजेक्ट की कई बार बढ़ी समयसीमा, पांच साल बीते, पूरा नहीं हो सका
- प्रदेश के बुनकरों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच देने की योजना नहीं उतर पाई धरातल पर
- कई बार समयसीमा बढ़ने से लागत बढ़ गई 33 करोड़
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। दिल्ली के प्रगति मैदान और दिल्ली हाट की तर्ज पर महानगर के मधुबन-बापूधाम में बुनकर मार्ट का इंतजार लंबा होता जा रहा है। पांच साल बीतने के बावजूद बुनकर मार्ट का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। प्रोजेक्ट के पूरा होने की कई समयसीमा निकलने के साथ पांच सालों में लागत भी बढ़ चुकी है। लेकिन प्रदेश के बुनकरों को राष्ट्रीय स्तर पर अपना हुनर दिखाने का मंच अब तक हासिल नहीं हो सका है।
शुरुआत में बुनकर मार्ट प्रोजेक्ट की लागत 200 करोड रुपए थी, जो कि बाद में बढ़कर 233 करोड़ हो गई। बुनकर मार्ट प्रोजेक्ट का 75 फ़ीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। पहले कोरोना और फिर किसानों के विरोध के चलते निर्माण कार्य पटरी पर नहीं आ सका है। अब बुनकर मार्ट प्रोजेक्ट के 2031 के मध्य तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि बुनकरों की प्रतिभा को मंच देने के साथ उनके माल को बिचौलिये से बचाकर सीधे एक्सपोर्टर तक पहुंचाने के उद्देश्य से मधुबन बापूधाम योजना में 36,500 वर्गमीटर जमीन पर 2016 में प्रोजेक्ट के निर्माण की शुरुआत हुई थी। प्रोजेक्ट का मकसद बुनकरों को दुकानों के साथ कला केंद्रों को विकसित करने का था। मार्ट में एक्सपोर्टर्स के ठहरने के के साथ कई स्तरीय सुविधाएं विकसित होनी थी। लेकिन कछुए की चाल से हो रहे निर्माण के कारण अब तक यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका है। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि कोरोना सहित अन्य कारणों से निर्माण कार्य प्रभावित रहा। बुनकर मार्ट प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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बड़े ऑडिटोरियम व कंवेंशन हॉल का होना है निर्माणः
बुनकर मार्ट के नए प्लान के अनुसार बुनकर मार्ट में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम और कंवेंशन हॉल पहले से बड़ा होगा। पहले ऑडिटोरियम व कंवेंशन सेंटर का एरिया 2773 वर्ग मीटर था, जिसे अब बढ़ाकर 13740 वर्ग मीटर कर दिया गया है। प्राधिकरण को इससे आय में वृद्धि होने की संभावना है। पहले जीडीए की योजना प्रोजेक्ट को जुलाई 2020 तक पूरा करने की थी। लेकिन कोरोनावायरस प्राधिकरण की योजना पर पानी फिर गया। अब जुलाई 2021 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए प्राधिकरण अधिकारी जुटे हुए हैं।
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12 सालों में लागत वसूलने का है प्लानः
बुनकर मार्ट प्रोजेक्ट में जीडीए की योजना निर्माण के 12 सालों के अंदर इसकी लागत वसूलने की है। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक बुनकर मार्ट से पहले साल प्राधिकरण को करीब चार करोड़ आय होने की संभावना है। साल दर साल आय में इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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