माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। प्रयागराज से आकर दिल्ली एनसीआर में लग्जरी कार ऑनडिमांड चोरी करने वाले जीजा साले को खोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों शातिर गिरोह के सरगना गाजियाबाद निवासी इस्माईल के साथ वाहन चोरी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक होंडा सिटी और स्कॉर्पियो कार बरामद की है। आरोपी फर्जी कागज बनवाकर वाहनों को बेचते थे। पुलिस फरार सरगना की तलाश कर रही है। तीनों आरोपी नोएडा से २०१४ में कार लूट के दौरान युवक की हत्या के मामले में जेल में बंद थे।
सीओ इंदिरापुरम अंशु जैन ने बताया कि खोड़ा थाना क्षेत्र में हिंडन पुलिस के पास खोड़ा पुलिस रात करीब पौने बारह बजे चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक होंडा सिटी कार में दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस ने रोककर तलाशी ली तो आरोपी सही से जवाब नहीं दे सके। पुलिस दोनों को पकड़कर थाने ले आई। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने कार चोरी की होने की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक अन्य स्कॉर्पियो कार बरामद की है। सीओ ने बताया कि पकड़े गए आरोपी शरद कौशल निवासी आनंद नगर थाना नैनी प्रयागराज और अश्वनी मिश्रा निवासी त्रिवेणी नगर थाना नैनी प्रयागराज हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह प्रयागराज से आकर दिल्ली एनसीआर में ऑनडिमांड कार चोरी कर फर्जी दस्तावेज तैयारकर बेचते थे। गाजियाबाद निवासी गिरोह के सरगना इस्माइल के साथ मिलकर वह चोरी और लूट करते थे। उन्होंने होंडा सिटी कार दिल्ली से चोरी की थी। उसके नोएडा नंबर के फर्जी दस्तावेज तैयारकर ढाई लाख रुपये में सौदा तय कर बेचने जा रहे थे। रास्ते में पुलिस ने चेकिंग के दौरान दबोच लिया। अश्चनी के खिलाफ दिल्ली, नोएडा और प्रयागराज में करीब सात मुकदमे हत्या, चोरी के दर्ज हैं। जबकि शरद कौशल के खिलाफ दिल्ली, नोएडा में ४ मुकदमे दर्ज हैं।
सरगना के पास है वाहन चोरी करने के उपकरण, पुलिस कर रही है तलाश
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना गाजियाबाद निवासी इस्माइल है। वह प्रयागराज से आकर उसी के साथ मिलकर रेकी कर लग्जरी वाहनों को दिल्ली एनसीआर में चोरी करते थे। इस्माइल के पास सभी गाडिय़ों को खोलने के उपकरण हैं। जिससे वह चंद मिनटों में गाडियों के लॉक खोलकर वाहन चोरी कर लेता है। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर उसे बेच देता है। उन्होंने डेढ़ लाख रुपये में स्कॉपियो और होंडा सिटी इस्माइल से ही ली थी। इस्माइल के साथ मिलकर उन्होंने २०१४ में नोएडा में एक कार लूट की थी। जिसमें विरोध करने पर युवक की हत्या कर दी थी। इसके बाद से वह जेल में बंद थे। पांच वर्ष बाद जेल से रिहा होकर आए तो लॉकडाउन लग गया। लॉकडाउन खत्म होने पर उन्होंने फिर से चोरी शुरू कर दी। वह डेढ सौ से अधिक वाहन चोरी कर बेच चुके हैं। पुलिस गिरोह के सरगना की तलाश कर रही है।