प्रदूषण और कोरोना से निपटने की फिर से तैयारी
- प्रशासन ने जारी किया प्रदूषण एलर्ट
- जिलाधिकारी का दावा पहली बार गंभीर श्रेणी से बाहर जिला
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। नवंबर में बढ़ते हुए प्रदूषण और संभावित कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए प्रशासन ने दोबारा तैयारी शुरू की है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय का कहना है कि यदि कोई संक्रमण की आपदा आती है तो उसके लिए एक हजार मरीजों को दवाइयां उपलब्ध हैं। अभी तक प्रतिदिन 3100 टेस्टिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस महीने में बढ़ा कर चार हजार किया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो टेस्टिंग को बढ़ाकर छह हजार भी किया जा सकता है। अभी जांच के लिए 15 टीमें वर्तमान में कार्य कर रही हैं, अगर आपदा आती है तो आरआरटी की 25 टीमें लगाई जा सकती हैं। आपदा आने पर बचाव के लिए एल-1 के 1100 (एसआरएम में 350 , आईएमएस में 400 एवं दिव्य ज्योति में 350) बेड की व्यवस्था दोबारा की जा रही है। एल2 के लिए संजय नगर संयुक्त अस्पतपाल में 76 बेड, ईएसआईसी साहिबाबाद में 100 बेड के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में 800 बेड की व्यवस्था कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में 43 वेंटिलेटर एवं निजी क्षेत्र के अस्पतालों में 45 वेंटिलेटर की व्यवस्था की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त अस्पतालों में नौ एचएफएनसी की भी व्यवस्था की गई, जो कोविड संक्रमित मरीजों को वेंटीलेटर से पूर्व दी जाती है।
सर्विलांस टीम 861 से बढ़ाकर की जाएगी एक हजार
सर्विसलांस में लगी टीमों को सक्रिय किया जा रहा है। अभी सर्विसलांस में लगी टीमों की संख्या 861 है, जिसे बढ़ाकर एक हजार किए जाने की योजना है।
मुंह व नाक ढककर ही निकलें बाहर
जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने लोगों का आह्वान भी किया है कि सभी नागरिक घर से बाहर निकलने पर मास्क एवं गमछे का प्रयोग आवश्यक रूप से करें। सार्वजनिक स्थानों पर दो गज की दूरी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि सभी नागरिकों को कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए बार-बार अपने हाथों को साबुन से धोना चाहिए, ताकि कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी अपने अपने कार्यालयों में कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के संबंध में अपने स्तर पर कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। सभी के द्वारा अपने-अपने कार्यालयों को नियमित रूप से सैनिटाइजेशन की व्यवस्था, सरकारी कार्य करते हुए दो गज की दूरी एवं मास्क का प्रयोग सभी कार्यालयों में आवश्यक रूप से सुनिश्चित कराया जाए।
जिलाधिकारी का कहना है कि पटाखों से प्रदूषण फैल सकता है। इसके रोकथाम के लिए जिलाधिकारी ने ग्रैप को सख्ती से लागू किए जाने के निर्देश जारी किए हैं। उनका दावा है कि गाजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स मशीन पहली बार लगाए जाने पर पिछले चार वर्षों की अपेक्षा अक्टूबर में एक बार भी जिला गंभीर श्रेणी में नहीं आया है।
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आशुतोष यादव