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सबहेडः ग्रैप के नियमों की उड़ रहीं धज्जियां, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के चलते एनएच-9 पर दिनभर उड़ती है धूल
- लालकुआं, कोलंबिया एशिया, एबीईएस कट पर उड़ रही सबसे ज्यादा धूल, एंटी स्मॉग गन भी नहीं प्रभावी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। महानगर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने का खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। एनएच-9 पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम तेज गति से जारी है। ग्रेप लागू होने के बाद एनएचएआई ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के बंदोबस्त किए। लेकिन बुधवार को एनएचएआई के सभी इंतजाम नाकाफी साबित होते दिखाई दिए। डासना से प्रताप विहार के बीच दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कई जगह धूल का गुबार उड़ता नजर आया। धूल के गुबार को रोकने में एनएचएआई की एंटी स्मॉग गन और पानी का छिड़काव भी काम न आया। ऐसे में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
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सीन एकः कोलंबिया एशिया के सामने
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम कोलंबिया एशिया अस्पताल के पास तेज गति से जारी है। अस्पताल के सामने रोड के दूसरी ओर एक्सप्रेस-वे के होते निर्माण और वाहनों के गुजरने से धूल का गुबार उड़ता नजर आया। आदित्य वर्ल्ड सिटी के गेट से कोलंबिया एशिया गेट के आगे तक उड़ती धूल ने गुजरने वाले लोगों को खासा परेशान किया। एनएचएआई की ओर से किया गया पानी का छिड़काव पर्याप्त साबित ना हुआ।
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सीन दोः लाल कुआं
लालकुआं के आसपास तेज गति से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां लाल कुआं से दिल्ली की ओर रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्माण कार्य के चलते रोड को कई जगह डायवर्ट किया गया है। लेकिन यहां होते निर्माण कार्य के चलते बड़े पैमाने पर धूल उड़ती हुई दिखाई दी। मेट्रो होलसेल के पास से गुजरने वाले वाहनों को धूल के गुबार से होकर रास्ता तय करना पड़ा। यहां सबसे ज्यादा परेशानी दो पहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ी।
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सीन तीनः एबीईएस कट
लालकुआं के बाद एबीईएस कॉलेज कट के पास एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। यहां भी कार्बन कॉन्टिनेंटल के आसपास कई जगह सड़क को डायवर्ट किया गया है। ऐसे में निर्माण कार्य के चलते बड़े पैमाने पर उड़ती धूल शहर की आबोहवा को बिगाड़ रही है। एनएचएआई की ओर से एंटी स्मोक गन से पानी का छिड़काव लगातार किया जा रहा है। लेकिन बड़े प्रोजेक्ट को देखते हुए एनएचएआई के संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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