एंटीजन किट की कमी से कम हुई जांच
- छह हजार से घटकर ढाई से तीन हजार के बीच लिए जा रहे सैम्पल
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। शासन और उच्चाधिकारियों के अलग-अलग निर्देश से स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण की जांच के लिए दिशा-निर्देश तय नहीं कर पा रहा है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में निर्देश दिया कि एक दिन में दो हजार एंटीजन किट से जांच की जाए, जबकि 1100 आरटीपीसीआर। वहीं इसके एक सप्ताह पहले शासन जिले में नियुक्त नोडल अधिकारी डा. सेंथिल पांडियन सी ने निर्देश जारी किया था कि एक दिन में 4200 एंटीजन किट से जांच की जाए और 1800 आरटीपीसीआर। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग संशय की स्थिति में है किस अधिकारी के आदेश का पालन किया जाए। जांच कम होने से संक्रमण दर भी कम हो गई है। पहले एक दिन में पांच से छह हजार लोगों की जांच शुरू की गई थी, वहीं अब दो हजार जांच की जा रही है।
जिले में कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए शासन की ओर से जुलाई और अगस्त में अधिक से अधिक लोगों की कोरोना जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी ज्यादा से ज्यादा जांच करने का निर्णय लिया गया था। जुलाई, अगस्त और सितंबर में जांच की संख्या लगातार बढ़ाई गई। सितंबर के अंत में जिले में प्रतिदिन जांच का आंकड़ा छह हजार तक पहुंच गया था। अक्टूबर माह के शुरुआत में पांच हजार से अधिक लोगों की जांच की गई, लेकिन पिछले एक सप्ताह से दो हजार लोगों की जांच पर भी विभाग विराम लगा रहा है। इसमें मुख्य कारण है कि विभाग के पास एंटीजन किट खत्म हो गई है। प्रतिदिन जांच के लिए मेरठ मंडल से किट मंगवाई जाती हैं। शनिवार को लखनऊ से पांच हजार किट उपलब्ध कराई गई, जिसमें शनिवार, रविवार और सोमवार को जांच हुई। जांच कम होने से अब मरीजों की संख्या प्रतिदिन औसतन 150 से ज्यादा आ रही है। ऐसे में संक्रमण बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। आवश्यकता के अनुसार रैपिड एंटीजन किट नहीं होने के कारण स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी कम लोगों की जांच कर रहे हैं। ऐसे में केवल संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की जांच के लिए प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार एंटीजन किट नहीं मिलने के कारण जांच प्रभावित हो रही है। इसलिए अब आरटी-पीसीआर स्तर बढ़ा दिया गया है। प्रतिदिन न्यूनतम 1400-1500 लोगों के सैंपल आरटी-पीसीआर के लिए भेजे जा रहे हैं। इसमें एक हजार जिम्स नोएडा और 500 एमएमजी अस्पताल की लैब में भेजे जा रहे हैं। विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि फिलहाल अब वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के निर्देश का पालन किया जा रहा है यानि एक दिन में ढाई से तीन हजार जांच का प्रयास किया जा रहा है। फिर दोबारा कोई निर्देश जारी होगा तो उसका भी पालन किया जाएगा।
--------------------
आशुतोष यादव