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कोरोना संक्रमण के बीच टाइफाइड के बढ़ रहे मरीज 

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कोरोना संक्रमण के बीच टाइफाइड के बढ़ रहे मरीज  - प्रतिदिन 18 से 20 मरीजोंं में टाइफाइड की हो रही है पुष्टि  माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद।  कोरोना संक्रमण के बीच टाइफाइड बुखार और वायरल लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। सामान्य बुखार होने पर भी लोग कोरोना की जांच कराने भागते हैं। कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद मरीज डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच कराते हैं। सभी रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है, लेकिन टाइफाइड की रिपोर्ट ज्यादातर पॉजिटिव आ रही है। दूषित पानी एवं खानपान में लापरवाही के कारण लोग तेजी से टाइफाइड संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 18 से 20 मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है।  फिजीशियन डा. अंशुल वार्ष्णेय का कहना है कि टाइफाइड का बुखार संक्रामक बुखार होता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैल सकता है। टाइफाइड किसी भी आयु वर्ग के लोगों में हो सकता है। इसे ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं, जिससे मरीज जल्द ही ठीक हो सकता है। इस बीमारी में स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखना बेहद जरूरी होता है। टाइफाइड होने पर यदि मरीज के लिए आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई तो मरीज की जान भी जा सकती है। ऐसे फैलता है टाइफाइड फिजीशियन डा. अलका यादव का कहना है कि टाइफाइड बुखार दूषित पानी से नहाने, दूषित पानी के पीने या इससे भोजन बनाने से होता है। इसमें एक सेलमोनेला टाइफाइड  नामक बैक्टीरिया होता है, जिसके पनपने से टाइफाइड होता है। यही नहीं यदि एक व्यक्ति को टाइफाइड का संक्रमण हो गया है और वह साफ-सफाई नहीं करता है कि उसके संपर्क में आने से अन्य व्यक्ति को भी यह हो सकता है। मौसम में परिवर्तन के कारण भी टाइफाइड हो सकता है। टाइफाइड के लक्षण - टायफाइड में मरीज को तेज बुखार आता है। यह बुखार 103 डिग्री से 104 डिग्री तक बढ़ सकता है। टाइफाइड का बुखार लगभग एक हफ्ते तक आता रहता है। मरीज को बुखार आने के साथ ही पेट दर्द, भूख नहीं लगना, सिरदर्द होना, शरीर के कई हिस्सों में दर्द होना, दस्त लगना आदि लक्षण भी पाए जाते हैं।  बुखार होने पर रखें इन बातों का ख्याल - टाइफाइड के बुखार का असर एक हफ्ते तक होता ही है, इसलिए इस दौरान मरीज का ज्यादा से ज्यादा ख्याल रखना चाहिए। - यह बुखार बच्चों को अधिक प्रभावित करता है, इसलिए बच्चों की साफ-सफाई पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी होता है। - टाइफाइड दूषित पानी और गंदगी से फैलता है, इसलिए अपने आसपास साफ-सफाई का ख्याल रखें और साफ पानी का ही प्रयोग करें। - इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि कुछ भी खाने से पहले या कुछ खाने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए, क्योंकि हाथों पर भी बैक्टीरिया चिपके होते हैं, जो खाने से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।  - खाने को हमेशा ढककर रखना चाहिए। - टाइफाइड के बैक्टीरिया कई जगह हो सकते हैं, इसलिए घर के कोने-कोने की सफाई भी बहुत आवश्यक होती है जैसे दरवाजों के हैंडल, टीवी का रिमोट, मोबाइल फोन इन सभी चीजों को भी सैनिटाइज करना चाहिए।  - टाइफाइड के मरीज के आसपास भी साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि परिवार के किसी भी सदस्य को यह बीमारी हो सकती है. - मरीज का बर्तन भी अलग रखना चाहिए ताकि उसके बर्तन के बैक्टीरिया अन्य बर्तनों में न फैलें।  - मरीज के कपड़े और बिस्तर की चादर भी रोज बदलनी चाहिए, विशेषकर बच्चों को हमेशा टायफाइड के मरीजों से दूर रखना चाहिए, क्योंकि बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होती है। ऐसे में छोटे बच्चों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। -------------- आशुतोष यादव 
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