बुलंदशहर।डिबाई थाना क्षेत्र में महिला की हत्या कर शव छोईया पुल के नीचे छुपा दिया गया था। अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त भी करीब १४ दिन बाद हुई थी। हालांकि, पुलिस ने अब करीब दो माह बाद हत्या का राजफाश करते हुए मृतका के प्रेमी को दबोच लिया है। साथ ही आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि गत १३ अगस्त की शाम को डिबाई थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नीम नदी के छोइया पुल के नीचे झाडिय़ों में एक महिला का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की थी। मृतका की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने अज्ञात में ही शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद १४ दिन बाद यानि २७ अगस्त को थाना अहमदगढ़ के गांव मुरादपुर निवासी उमेश सिंह ने अपनी बहन माना देवी उर्फ मानवती पुत्री चंदन सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जिसके बाद अहमदगढ़ पुलिस और डिबाई पुलिस ने उसे १३ अगस्त में मिले महिला के शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की थी। जिस पर पीडि़त ने मृतका की शिनाख्त अपनी बहन के रूप में की थी। पुलिस ने जब मामले की गहनता से जांच पड़ताल की तो मृतका के गांव निवासी युवक इरशाद पुत्र तौफिक का नाम प्रकाश में आया था। जिस पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे गांव दौलतपुर खुर्द से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि मृतका उसके यहां खेत पर काम करती थी। करीब ढाई वर्ष से दोनों के बीच प्रेम संबंध था। बीते करीब छह माह से माना देवी आरोपी के साथ ही रहने का दबाव बना रही थी। लेकिन, आरोपी ऐसा नहीं चाहता था। करीब ढाई माह पूर्व आरोपी ने उसे करीब २६ हजार रुपये भी दिए थे। लेकिन, इसके बावजूद वह नहीं मानी और अपनी मांग पर डटी रही। इसी के चलते आरोपी गत १२ अगस्त को योजनानुसार माना देवी को झांसे में लेकर रात करीब १२ बजे छोईया पुल के नीचे पहुंचा और उसके दुपट्टे से ही गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह १६ अगस्त को कर्नाटक रवाना हो गया था।
कोट
आरोपी को गिरफ्तार कर, हत्या का राजफाश कर दिया गया है। साथ ही उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी