- पारिवारिक मनमुटाव व राजनैतिक रंजिश के साथ-साथ पुलिस ने तीसरी दिशा में भी शुरू किया काम
- चार दिन बाद भी भाजपा विधायक के मामा के हत्यारोपी या साजिशकर्ता का सुराग लगाने में नाकाम
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। लोहिया नगर में भाजपा विधायक अजीत पाल त्यागी के मामा नरेश त्यागी की हत्या में पुलिस चार दिन बाद भी खाली हाथ है। पुलिस अभी तक गोली मारने वाले शूटर्स या हत्या के साजिशकर्ता का सुराग तक नहीं लगा सकी है। वहीं, पुलिस ने विधायक के पारिवारिक मनमुटाव व राजनैतिक रंजिश के साथ-साथ इस दिशा में भी जांच शुरू कर दी है कि कहीं घरेलू कलह का किसी तीसरे शख्स ने तो फायदा नहीं उठा लिया। कुछ लोगों का कहना है कि नरेश त्यागी विधायक अजीत पाल त्यागी की राजनीति की नींव थे। ऐसे में यह भी संभव है कि राजनैतिक प्रतिद्वंद्वता रखने वाले किसी व्यक्ति ने विधायक को गहरी चोट देने के लिए घटना करा दी हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।...........
राजनैतिक रंजिश भी हो सकती है बड़ी वजह
वर्ष 2017 में पहले भाजपा का टिकट कब्जाने और फिर विधायक का चुनाव लडऩे के दौरान अजीतपाल त्यागी को तमाम भाजपाइयों का विरोध झेलना पड़ा। उन्हें न सिर्फ अपने परिवारिक सदस्यों की दावेदारी से जूझना पड़ा, बल्कि भाजपाई खेमे के कई वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी ने भी अजीतपाल त्यागी की नींद उड़ाए रखी। चुनाव के ऐन मौके पर गैर दलों से आए नेता का भाजपा में शामिल होना और फिर टिकट पा जाना कई भाजपाईयों को रास नहीं आया। अजीत के विधायक बनने के बाद भी ऐसे लोगों का मुखालफत करने का सिलसिला थमा नहीं, वे आज भी मौका मिलने पर विधायक का पुरजोर विरोध करते हैं।
घटना के बाद से मोबाइल बंद, तीन लोगों पर बढ़ा संदेह.............
पुलिस की रडार पर तीन संदिग्ध लोग बताए जा रहे हैं। तीनों संदिग्धों की विधायक से करीबियां रही हैं। इनमें एक संदिग्ध व्यक्ति हिंदू संगठन का पदाधिकारी है तो दूसरा पूर्व में पदाधिकारी रह चुका है। तीनों संदिग्ध फरार हैं। उनके मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें से एक संदिग्ध पूर्व में कई बार विधायक को देख लेने की धमकी दे चुका है। जबकि दूसरे से विधायक पूर्व में अपनी जान का खतरा जता चुके हैं। हालांकि इन लोगों के भागने की वजह पुलिस का डर भी बताई जा रही है।
सरेंडर के इनपुट पर पुलिस ने की कोर्ट परिसर की घेराबंदी..............
सोमवार को पुलिस की कुछ टीमें वर्दी और सादे कपड़ों में कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर चौकन्नी देखी गई। पुलिस नरेश हत्याकांड के एक संदिग्ध की तलाश में कोर्ट परिसर को चौतरफा से घेरे थी, लेकिन उसे कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। सूत्रों का कहना है कि गत 24 अगस्त को मोदीनगर थानाक्षेत्र में हुए अक्षय हत्याकांड में जिस एक आरोपी का नाम प्रकाश में आया था उसी आरोपी की पुलिस को नरेश हत्याकांड में भी तलाश है। उसने अक्षय हत्याकांड में सरेंडर के लिए गाजियाबाद कोर्ट में अर्जी डाली हुई है। जिसकी वजह से पुलिस को सूचना मिली थी कि वह सोमवार को कोर्ट में हाजिर हो सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।