(नोटः बुलंदशहर, हापुड़ सहित पश्चिमी यूपी के लिए)
सबहेडः एलएलबी में छह प्रमुख एडेड कॉलेजों में 1460 सीटों पर तीन गुना आवेदन, अब तक हुए 13632 नामांकन में 3488 छात्राएं
- सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में हैं 15000 सीटें, अक्टूबर के आखिर तक चलेगी नामांकन प्रक्रिया
प्रद्युम्न उपाध्याय
गाजियाबाद। युवाओं में बढ़ता वकालत का क्रेज सीसीएसयू एलएलबी कोर्सेज की नामांकन प्रक्रिया में देखा जा सकता है। सत्र 2020-21 में एलएलबी तीन वर्षीय कोर्स में प्रवेश के लिए नामांकन जारी है। विश्वविद्यालय के केवल छह एडेड कॉलेजों में कुल 1460 सीटों पर तीन गुना आवेदन हो चुके हैं। वहीं सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की 15 हजार सीटों को मिलाकर रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 13632 पर पहुंच चुका है। एलएलबी में नामांकन की प्रक्रिया अक्टूबर माह के अंत तक चलेगी।
ऐसे में सीटों के मुकाबले रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा दोगुना होने की पूरी संभावना है। एलएलबी में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन मेरठ के बाद गाजियाबाद के कॉलेजों में हुए हैं। मेरठ में एलएलबी तीन वर्षीय कोर्स में 4062, जबकि गाजियाबाद के डिग्री कॉलेजों में 3936 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। एलएलबी में बुलंदशहर में 1024, हापुड़ में 663, सहारनपुर में 991, मुजफ्फरनगर में 584, गौतमबुद्धनगर में 1536, बागपत में 779 और शामली में 76 रजिस्ट्रेशन एलएलबी में हुए हैं। माह के अंत तक रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा दुगने से ऊपर जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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छात्राओं में एलएलबी का रुझान, 3488 नामांकन:
वकालत की पढ़ाई के लिए छात्राएं बड़ी संख्या में आगे आ रही हैं। सीसीएसयू की अब तक की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कुल 3488 छात्राओं ने नामांकन कराया है। रजिस्ट्रेशन खत्म होने तक छात्राओं के पंजीकरण का आंकड़ा दुगने से ऊपर जाने की उम्मीद है। दूसरी ओर बीए एलएलबी में बात करें तो इस बार कुल 7262 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इनमें छात्राओं की संख्या 2291 और छात्रों की संख्या 4971 है। ऐसे में स्नातक स्तर पर बड़ी संख्या में छात्राएं एलएलबी कोर्स में प्रवेश ले रही हैं।
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एमएमएच विवि के छह एडेड कॉलेजों में बंपर नामांकन:
सीसीएसयू से संबद्ध छह प्रमुख एडेड कॉलेजों में एलएलबी कुल 1460 सीटें हैं। एडेड कॉलेजों में सबसे ज्यादा 420 सीटें महानगर के एमएमएच डिग्री कॉलेज में है। इसके अलावा एनआरईसी कॉलेज खुर्जा में एलएलबी में 120 सीटें, मेरठ कॉलेज, मेरठ में 300 सीटें, एनएएस कॉलेज मेरठ में 180 सीटें, डीएवी कॉलेज मुजफ्फरनगर में 320 सीटें और जेवी जैन कॉलेज सहारनपुर में 120 सीटें हैं। एलएलबी में सबसे ज्यादा मारामारी इन्हीं कॉलेजों में रहती है। वर्तमान में एमएमएच डिग्री कॉलेज में कुल सीटों पर सबसे ज्यादा आवेदन हुए हैं।
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सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में भी प्रवेश की मारामारीः
सीसीएसयू से जुड़े एडेड कॉलेजों के अलावा सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में भी दाखिले को हर साल मारामारी रहती है। इस बार भी महानगर के सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में एलएलबी कोर्सेज में दाखिले के लिए विद्यार्थी आगे आ रहे हैं। कोविड काल के बावजूद एलएलबी में दाखिले के लिए विद्यार्थी लगातार कॉलेजों में संपर्क कर रहे हैं। कॉलेज अपने स्तर से उनका रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं।
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एलएलबी में करियर की अपार संभावनाएंः
1. एलएलबी के बाद करियर की अब कई संभावनाएं हैं। प्राइवेट सेक्टर के साथ सरकारी सेक्टर में भी रोजगार के कई अवसर हैं। इसलिए विधि कोर्स का चुनाव किया है। -- श्रुति मिश्रा
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2. विधिक सेवा की तैयारी के लिए एलएलबी में प्रवेश लेने जा रहा हूं। इंजीनियरिंग के बाद अब विधिक क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाएं हैं। इसीलिए विद्यार्थी आगे आ रहे हैं। -- आकाशदीप
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3. करियर के तौर पर विधिक विषय का चुनाव छात्राओं के लिए काफी बेहतर है। विधिक सेवा में जाने के उद्देश्य से एलएलबी में एडमिशन ले रही हूं। -- पायल सिसोदिया
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4. अपने मूल अधिकारों के प्रति सभी को सजग रहना जरूरी है। विधिक विषय की पढ़ाई से कानूनों के बारे में पूरी जानकारी हासिल होगी। करियर के तौर पर भी एलएलबी अच्छा विकल्प है। -- रीमा
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