फिर लापता हुए 165 कोरोना संक्रमित
- इसके पहले भी सैकड़ों मरीजों का नहीं मिल सकी थी जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू होने के बावजूद कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीज स्वयं के परिवार और स्वास्थ्य विभाग के लिए मुसीबत बन रहे हैं। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद फिर 165 मरीज लापता हैं। सैंपल के दौरान गलत जानकारी देने के कारण मरीजों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
शासन की ओर से कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए अधिक से अधिक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते जिले में करीब एक दिन में पांच हजार से अधिक लोगों की कोरोना जांच की जा सैंपल के दौरान मरीज का कोविड-19 जांच का फार्म भरा जाता है। उसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और अन्य जानकारी भरी जाती है। इसी के अनुसार मरीज की रिपोर्ट तैयार होती है। कई मरीज ऐसे होते हैं जो मोबाइल नंबर और पता गलत भर देते हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद ऐसे मरीजों से संपर्क करने में परेशानी होती है। संक्रमित की रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर कंट्रोल रूम द्वारा उससे मोबाइल पर संपर्क किया जाता है। मोबाइल नंबर नहीं मिलने पर घर के पते पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जाती है। जिले में करीब 165 ऐसे कोरोना संक्रमित हैं, जिनसे स्वास्थ्य विभाग अभी तक संपर्क नहीं कर पाया है। ऐसे में यह जानकारी भी नहीं कि संक्रमित अस्पताल में भर्ती हैं या होम आइसोलेशन में हैं। ऐसे मरीजों की खोज के लिए सर्विलांस टीम को रिपोर्ट दी जाती है, जो मरीजों को जानकारी लेती है। मरीजों के पते पर आस-पास पूछताछ कर और उसके मोबाइल को ट्रेस करने का प्रयास किया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि अब तो सामान्य तौर पर अधिकांश मरीज होम आइसोलेशन की सुविधा ले रहे हैं। वह ठीक होकर सामान्य दिनचर्या भी पूरी कर रहे हैं। इसके बावजूद गलत नंबर देकर स्वयं के अलावा विभाग को तनाव में डाल देते हैं।
------------