एडिशनल कमिश्नर को ज्ञापन देते टैक्स अधिवक्ता
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वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप
- टैक्स अधिवक्ताओं ने एडिशनल कमिश्नर से की शिकायत
- सुविधा शुल्क न देने पर अधिकारी ने किया जीएसटी पंजीयन निरस्त
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। वाणिज्य कर विभाग के एक अधिकारी पर टैक्स अधिवक्ताओं ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। इस संबंध में बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने एडिशनल कमिश्नर से मिलकर शिकायत भी की है। आरोप है कि अधिकारी ने एक कंपनी को नोटिस देकर पैसे की मांग की और ना देने पर कंपनी का पंजीयन निरस्त कर दिया।
टैक्स एडवोकेट क्लब के अध्यक्ष जावेद खान सेफ ने बताया कि विभाग में तैनात एक असिस्टेंट कमिश्नर खंड ने रिटर्न जमा न होने पर मैसर्स अनम ट्रेडर्स का पंजीयन निरस्त कर दिया। जिसके बाद अधिवक्ता फर्म द्वारा ऑनलाइन पंजीयन बहाली के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इस संबंद में जब अधिवक्ता संगम प्रकाश असिस्टेंट कमिश्नर से मिलने उनके कार्यालय में पहुंचे तो पंजीयन बहाली के लिए 20000 घूस की मांग की गई। जिस पर अधिवक्ता द्वारा असहमति जताई गई। इससे रुष्ट होकर अस्सिस्टेंट कमिश्नर द्वारा पंजीयन बहाली प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया गया। अधिवक्ता फर्म द्वारा पुन पंजीयन बहाली प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया जिस पर असिस्टेंट कमिश्नर द्वारा डबल रिश्वत की मांग की गई। अधिवक्ता द्वारा रिश्वत ना देने पर अधिकारी द्वारा पंजीयन निरस्त कर दिया गया। इस संबंध में टैक्स एडवोकेट्स क्लब का एक प्रतिनिधि मंडल एडिशनल कमिश्नर अरविंद कुमार से मिला व भ्रष्ट अधिकारी की शिकायत की। इस मौके पर बार एसोसिएशन के चेयरमैन विपिन वर्मा, एडवोकेट सचिन गोयल, एडवोकेट विष्णुदीप गर्ग, एडवोकेट अनिल यादव, एडवोकेट प्रदीप कुमार, अभिषेक गुप्ता आदि मौजूद रहे। अधिकारियों ने मामले में जांच का आश्वासन दिया है।