मांगों पर अड़े विद्युत संगठन, आंदोलन जारी
- निजीकरण प्रस्ताव के विरोध में प्रतिदिन कार्य का बहिष्कार
- तीन घंटे के बहिष्कार में उपभोक्ताओं की नहीं होती सुनवाई
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में विद्युत संगठनों का आंदोलन जारी है। जिले में प्रतिदिन दोपहर दो बजे से पांच बजे तक विद्युत अधिकारी और कर्मचारी संगठन कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। ऐसे में इन तीन घंटो के दौरान उपभोक्ताओं की समस्याओं और शिकायतों का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है।
विद्युत संगठन अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। बृहस्पतिवार को भी राजनगर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर अधिकारियों, कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति द्वारा सरकार और प्रबंधन को भेजे गए नोटिस में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त न किया गया तो पांच अक्टूबर से बिजली कर्मी पूरे दिन का कार्य बहिष्कार करेंगे। संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार ने कहा कि निजीकरण पर संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। इस मौके पर अभिषेक मौर्य, शिवनाथ शर्मा, वाईपी शर्मा, संजय शर्मा, प्रवीण कुमार, मनोज चौधरी, सौरभ राय, बंसीधर दुबे, विशाल कंसल, एसपी सिंह, अमित कुमार, विशाल पटेल, भीम सिंह, आशीष रतन, नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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जिस विभाग को हमने अपनी मेहनत से सींचा, उसको निजी हाथों में नहीं सौपने दिया जाएगा।
शेर सिंह, प्रांतीय उपाध्यक्ष
विद्युत मजदूर संगठन
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निजीकरण की आड़ में हजारों कर्मचारियों के परिवारों से खिलवाड़ किया जा रहा है। इसका विरोध आखिर तक किया जाएगा।
- राज सिंह, प्रांतीय उपाध्यक्ष
विद्युत मजदूर संगठन