जहांगीराबाद। नगर के अहार रोड स्थित युगप्रिया अस्पताल संचालक पर डिलीवरी के एक दौरान बिरौली गांव निवासी महिला उपासना के उपचार में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। आरोप है कि लापरवाही के चलते नवजात की मौत हो गई। मामले में परिजनों ने जिला अस्पताल प्रशासन से शिकायत की। सोमवार को जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लापरवाही सामने आने पर अस्पताल को सील कर दिया। इस दौरान परिजनों ने जमकर हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के गांव बिरौली निवासी विनेश चौहान ने बीते दिनों सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा था। जिसमें उन्होंने बताया कि उसके भतीजे अमित चौहान की पत्नी उपासना को प्रसव पीड़ा होने पर गत आठ सितंबर को अहार रोड स्थित युगप्रिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर दंपत्ति ने मरीज के परिजनों को मरीज की स्थिति सामान्य बताते हुए नॉर्मल डिलीवरी होने का आश्वासन भी दिया था। परिजनों के अनुसार चिकित्सकों ने फीस के तौर पर पंद्रह हजार रुपए भी जमा कराए थे। परिजनों का आरोप है कि फीस जमा करने के कुछ समय बाद ही चिकित्सक उपासना को ऑपेरशन थियेटर में ले गये। काफी देर बाद तक भी कोई खबर न आने पर चिंतित परिजनों ने जानकारी करनी चाही तो उन्हें कोई संतोष जनक उत्तर नहीं मिला। काफी देर बाद पीडि़त महिला की मां जबरन ऑपेरशन थियेटर में घुस गई। जहां उसने अपनी बेटी को बदहवास हालत में बेहोश पाया तो उसके होश उड़ गए। परिजनों का दावा है कि बेहोश पड़ी पीडि़त महिला की मां को देखकर चिकित्सक दंपत्ति वहां से भाग खड़े हुए। बाद में अस्पताल के स्टाफ द्वारा बुलाये जाने के बाद मौके पर पहुंचे। चिकित्सक ने महिला को बुलन्दशहर ले जाने की सलाह दे डाली। बुलन्दशहर स्थित एक अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक द्वारा बच्चेदानी में फंसे हुए बच्चे को बमुश्किल बाहर निकाला गया। परिजनों के अनुसार अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही के कारण नवजात ने दुनिया में आने से पहले ही दम तोड़ दिया और महिला की जान भी बामुश्किल बच पाई। वहीं चिकित्सक दंपत्ति द्वारा प्रसव कक्ष में पीडि़त महिला के साथ मारपीट करने का आरोप भी परिजनों द्वारा लगाया गया है। मामले की शिकायत सीएमओ से किये जाने पर सोमवार को एसीएमओ बलराज सिंह युगप्रिया अस्पताल की जांच करने पहुंचे। अस्पताल में लापरवाही सोन आने पर एसीएमओ ने अस्पताल को सील करा दिया है। वहीं मौके पर मौजूद रहे पीडि़ता के परिजन भी चिकित्सक दंपत्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मौके पर हंगामा किया।
कोट
महिला के परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। महिला को स्थिर हालत में बुलन्दशहर रेफर किया गया था। - अंकित लोहान, चिकित्सक युगप्रिया अस्पताल।
पीडि़त महिला के परिजनों की शिकायत के बाद सीएमओ कार्यालय से मिले निर्देशों के अनुसार मामले की जांच की गई है। प्रथम दृष्टया मामला लापरवाही का प्रतीत हो रहा है, जिसके चलते अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। - बलराज सिंह, एसीएमओ, स्वास्थ्य विभाग बुलन्दशहर