एक सप्ताह से नही हो रही कोरोना की ट्रूनॉट जांच
जिला एमएमजी अस्पताल में इमरजेंसी में मरीजों की कराई जाती है जांच
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में इमरजेंसी में ट्रू-नॉट से की जाने वाली कोरोना जांच अब नहीं हो पा रही है। एक सप्ताह से मशीन में जांच के लिए प्रयोग में लाए जाना वाला सामान खत्म हो चुका है। ऐेसे में अब इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की जांच आरटी-पीसीआर लैब में की जा रही है। जिसके चलते मरीजों को भी रिपोर्ट लेने में तीन से चार दिन का समय लग रहा है।
जिले में सबसे पहले कोरोना सैंपल की जांच ट्रू-नॉट मशीन से ही शुरू की गई थी। इसके बाद एंटीजन किट से भी कोरोना जांच की जाने लगी। अब जिले में ही आरटी-पीसीआर जांच से संबंधित सैंपल की भी यहीं जांच की जा रही है। जिले में कम से कम एक हजार सैंपल की जांच आरटी-पीसीआर से की जानी है। लेकिन जिले में स्थापित आरटी-पीसीआर लैब में अभी भी करीब 150 से 200 सैंपल की ही जांच प्रतिदिन की जा रही है। ऐसे में शेष सैंपल जांच के लिए नोएडा व मेरठ लैब में भेजे जा रहे है। इमरजेंसी में आने वाले मरीज की जांच जिला एमएमजी अस्पताल में मौजूद ट्रू-नॉट मशीन से की जाती है। इसकी रिपोर्ट डेढ़ से दो घंटे में आ जाती है। प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों की जांच की जाती थी। लेकिन बीते दो दिन से मशीन से संबंधित वीएलएम, वीटीएम, बीटा कोविड चिप व कार्टेज समाप्त हो चुका है। जांच केवल आरटी-पीसीआर से की जा रही है। जबकि आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आने में कई दिन का समय लग रहा है। इसके चलते गर्भवती महिला या अन्य मरीज के इलाज में कोरोना जांच की रिपोर्ट देरी से मिलने के चलते परेशानी उठानी पड़ रही है। जहां हाल ही में जिला महिला अस्पताल में एंटीजन किट की निगेटिव रिपोर्ट होने के बावजूद महिला को ट्रू-नॉट या आरटी-पीसीआर रिपोर्ट की मांग की गई थी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अनुराग भार्गव का कहना है कि लखनऊ से सामान भेजने की मांग की गई थी। लेकिन वहां भी सामान नहीं है। सामान मिलते ही ट्रू-नॉट से जांच शुरू की जाएगी। फिलहाल इमरजेंसी में मरीजों की जांच आरटी-पीसीआर लैब में की जा रही है। जिसकी रिपोर्ट एक से दो दिन में आ जाती है।
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आशुतोष यादव