बुलंदशहर। जनपद में यूरिया बिक्री और स्टॉक का पता करने के लिए शुक्रवार को उर्वरक की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान यूरिया की कालाबाजारी उजागर होने पर एक दुकानदार पर एफआईआर दर्ज करवा दी। जबकि दूसरी दुकानपर यूरिया का स्टॉक पूरा न मिलने पर उसे सील करते हुए यूरिया की बिक्री पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। जिला कृषि अधिकारी का दावा है कि इस तरह की छापामार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। किसी भी कीमत पर यूरिया की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी।
गत एक माह से जनपद में यूरिया की कमी चल रही थी। लेकिन इसी के साथ पिछले तीन दिन में जनपद में यूरिया की पांच रैक पहुंच गई। इससे जनपद में यूरिया की कमी भी दूर हो गई। वहीं, दूसरी ओर यूरिया की कमी का फायदा उर्वरक विक्रेताओं ने उठाना शुरू कर दिया। इसकी शिकायत कृषि विभाग के अफसरों को मिली तो उन्होंने ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई करने के साथ यूरिया की बिक्री और स्टॉक का पता करने के लिए छापामार कार्रवाई को अंजाम देने का निर्णय लिया। इसका किसी को पता नहीं चले। इसलिए इस कार्रवाई को गुपचुप तरीके से अंजाम देने का भी निर्णय लिया गया। जिला कृषि अधिकारी ने विभागीय टीम के साथ शुक्रवार को ऊंचागांव क्षेत्र में उर्वरक की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान अधिकर दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। जिस भी दुकान पर छापा मार कार्रवाई को अंजाम दिया गया। वहां यूरिया के स्टॉक और बिक्री आदि की गहनता से जांच की गई। इस दौरान खानपुर स्थित एक दुकान पर यूरिया निर्धारित मूल्य 266.50 से सापेक्ष 290 रुपये में बेच जा रहा था। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि यहां पर यूरिया की कालाबाजारी की जा रही थी। जिला कृषि अधिकारी ने दुकानदार सतीश चंद्र खाद भंडार विक्रेता के खिलाफ संबंधित क्षेत्र के थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी है। इसी तरह अमरगढ़ स्थित ओम सांई भारती खाद भंडार पर यूरिया का स्टॉक पूरा नहीं मिला और कई तरह की अनियमिताएं भी पाई गई। इस पर इस दुकान को सील करते हुए यूरिया आदि उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी है। अफसरों का कहना है कि छापामार कार्रवाई जारी रहेगी।
कोट
जनपद में शुक्रवार को की गई छापामारी में यूरिया की कालाबाजारी का मामला उजागर हुआ है। इस पर एक दुकानदार पर एफआई और दूसरी दुकान को सील कर उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी है। जनपद में इस समय यूरिया की कमी नहीं है। किसी भी कीमत पर यूरिया की कालाबाजारी और घोटाला बर्दाश्त नहीं होगा। इस तरह की छापामार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। - अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी