पांच साल से कम उम्र के बच्चों को न लगाएं मास्क
- खेलते समय भी न लगाएं बच्चों को मास्क
- बच्चों को मास्क लगाने से हो सकती है परेशानी, इसलिए नहीं स्कूल खोलने में परेशानी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। छोटे बच्चों को मास्क लगाने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए यह प्रयास किया जाना चाहिए कि छोटे बच्चों को घर से बाहर कम ही निकलने दें और इस दौरान शारीरिक दूरी का ख्याल रखें। यानी भीड़भाड़ वाली जगहों पर बच्चों को न ले जाएं। यह बातें जिला एमएमजी अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डा. शालिनी तिवारी ने कहीं। उन्होंने बताया विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से पांच वर्ष से छोटे बच्चों को मास्क लगाने की मनाही है। पांच वर्ष से बड़े बच्चों को भी मास्क पहनाने में अत्यंत सतर्कता की जरूरत है। ध्यान रहे कि बच्चों को केवल घर में बने सूती कपड़े के ही मास्क पहनाएं। सर्जिकल या एन-95 मास्क पहनने से बच्चों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
डा. शालिनी तिवारी ने बताया कि बच्चों को फिजीकल एक्टिविटी करते समय मास्क नहीं लगाना चाहिए। दरअसल फिजीकल एक्टिविटी के समय बच्चों को अधिक ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है और मास्क पहनकर इतनी ऑक्सीजन मिल नहीं पाती। इसलिए खेलते समय इस बात का ध्यान रखें। मास्क लगाने के बजाय शारीरिक दूरी पर ज्यादा फोकस करें। इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चों को लगातार ज्यादा देर तक मास्क न लगाना पड़े तो बेहतर है। यानी घर से बाहर निकलें तो समय का भी ध्यान रखें। स्कूलों के न खोले जाने के पीछे सबसे बड़ी वजह यही है कि बच्चों को इतनी देर तक मास्क लगाकर रखना ठीक नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 12 साल तक के बच्चों को केवल घर में बने सूती कपड़े के मास्क ही पहनाएं।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से हाल में ही जारी की गई नई गाइडलाइन के मुताबिक बच्चों से कोरोना फैलने का खतरा कम होता है, हालांकि 12 वर्ष से ऊपर के बच्चों को मास्क के मामले में बड़ों की ही श्रेणी में रखा गया है, लेकिन 12 साल से छोटे बच्चों को मास्क पहनाते समय सतर्कता जरूरी है।
डा. विश्राम सिंह, प्रतिरक्षण अधिकारी
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आशुतोष यादव