साहिबाबाद। बीते सप्ताह बारिश ने शहर की हवा को स्वच्छ किया, लेकिन बूंदों के सूखते ही शहर की हवा ऑरेंज जोन में पहुंच गई। शुक्रवार को गाजियाबाद देश का सर्वाधिक दूसरा प्रदूषित शहर रहा, वहीं ओडिशा का तालचेर शहर प्रदूषित शहरों की श्रेणी में पहले स्थान पर रहा।
पीसीबी की ओर से शाम चार बजे देश के 250 से अधिक शहरों का एक्यूआई जारी किया, इसमें कुछ ही शहर ऑरेंज जोन में दर्ज हुए। 222 एक्यूआई के साथ अपना शहर देश का दूसरा सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा। चिंता की बात यह है कि शहर में नया स्टेशन बना वेब सिटी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 250 के पार दर्ज हुआ, वहीं लोनी भी बेहद खराब श्रेणी के करीब ही रहा। अक्तूबर के पहले दिन भी शहर का एक्यूआई 291 दर्ज किया गया था। 24 घंटे के अंतराल में वायु गुणवत्ता सूचकांक में 31 अंकों की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। अभी से एक्यूआई का ऑरेंज जोन में आना खतरे की घंटी साबित हो सकती है। अधिकारियों के मुताबिक लोगों को मास्क का प्रयोग शुरू कर देना चाहिए। हवा के ऑरेंज जोन में होने का मतलब खराब श्रेणी है जो स्वस्थ लोगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि सभी जिम्मेदार विभागों को अलर्ट कर दिया गया है ताकि वह पानी का छिड़काव व अन्य सुधार कार्य करें ताकि आने वाले दिनों में लोगों को अधिक दिक्कत न हो।
इनसेट
देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहर
तालचेर- 231
गाजियाबाद- 222
बिवाड़ी- 215
गुरुग्राम- 207
बुलंदशहर- 202
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गाजियाबाद के विभिन्न स्टेशनों का एक्यूआई
गोविंदपुरम-192
इंदिरापुरम-154
लोनी-255
संजयनगर-222
वसुंधरा- 230
वेव सिटी- 276
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लोनी में 53 अवैध फैक्टरी हुए सील
प्रदूषण नियंत्रण करने के उद्देश्य से शुक्रवार को भी लोनी में अभियान चलाकर प्रदूषण फैलने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छह टीमों ने लोनी के लालबाग, हाली बेहटापुर और इंदिरापुरी कॉलोनी में अभियान चलाकर 53 फैक्टरियों का विद्युत कनेक्शन काट कर सीलिंग की गई। लोनी के क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि 53 फैक्टरियों में रंगाई, इलेक्ट्रोपेंटिंग और फूड प्रोसेसिंंग की औद्योगिक इकाईं शामिल थीं। बिना एनओसी गलियों में यह फैक्टरियां संचालित की जा रही थी, इससे जल व वायु दोनों प्रदूषित हो रहे हैं।