100 से ज्यादा लोगों को ठगने वाले छह शातिर गिरफ्तार
साहिबाबाद। साइबर सेल टीम ने ऑस्ट्रेलिया में नामी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बुधवार को शालीमार गार्डन से गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह नोएडा, गुरुग्राम समेत दिल्ली एनसीआर में होटल व कमरा किराये पर लेकर कार्यालय बनाकर सक्रिय था। गिरोह करीब तीन साल में 100 से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस ने आरोपियों के पास से नौ मोबाइल, पांच डाटाशीट, एक कार बरामद की है। गिरोह का कथित सरगना विनय निवासी बिहार फरार है।
डीसीपी ट्रांस हिंडन डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि साइबर सेल टीम ने शालीमार गार्डन में एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा था। आरोपी बेरोजगार और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर शिकार बनाते थे। प्रोसेसिंग शुल्क और पंजीकरण शुल्क के नाम पर रकम ऐंठकर फोन बंद कर देते थे। क्रासिंग रिपब्लिक और थाना साहिबाबाद में शिकायत दर्ज कराने पर पुलिस ने संज्ञान लिया। साइबर सेल व साहिबाबाद थाना पुलिस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। साइबर सेल प्रभारी अनिल यादव ने बताया कि साइबर सेल टीम ने तकनीक व मुखबिर की सूचना पर शालीमार गार्डन में आरोपियों के पास पहुंची थी।
वोरले पारसन कंपनी के नाम पर फंसाया
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ऑस्ट्रेलिया की वोरले पारसर कंपनी में काम दिलाने के नाम पर लोगों को फंसाते थे। लोगों को सोशल मीडिया, फर्जी कॉलिंग व ईमेल पर जानकारी भेजकर ऑफर देते थे। लोगों से खुद को नौकरी डॉट कॉम के ह्यूमन रिसोर्स (एचआर) से होने का हवाला देते थे। संपर्क में आए बेरोजगार व नौकरीपेशा लोगों से रिज्यूम लेकर बकायदा साक्षात्कार भी करवाते थे। जॉब लेटर देकर पंजीकरण, मेडिकल, वीजा आदि के नाम पर लाखों रुपये की धनराशि लेते थे।
14 बार में हड़पे थे 12.88 लाख रुपये
29 नवंबर को क्रांसिंग रिपब्लिक थाने में नवीन वर्मा ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि उनके पास अजय दीक्षित, बालाजी ने ऑस्ट्रेलिया की वोरले पारसन कंपनी में नौकरी के दिलाने नाम पर 14 बार में 12.84 लाख रुपये फेडरल बैंक खाते में डलवाए थे। वहीं, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन एक निवासी बाल नारायण द्विवेदी ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में जॉब के नाम पर राहुल शर्मा, बालाजी व राजीब दुबे नाम के व्यक्ति ने तीन बार में 3.12 लाख रुपये लिए।
बीटेक व एमकॉम चलाते थे गिरोह
1. विनय नेगी- मूल निवासी मेरठ व हाल पता खोड़ा, शिक्षा-बीटेक, उम्र-32 वर्ष
2. देवेश- मूल निवासी आगरा व हाल पता लाल कुआं, शिक्षा-बीए, उम्र-36 वर्ष
3. अजय- मूल निवासी दिल्ली दयालपुरी, शिक्षा-बीए, उम्र-25 वर्ष
4. कुलदीप त्यागी- मूल निवासी डूंडाहेड़ा, शिक्षा-बीकॉम, उम्र 25 वर्ष
5. गौरव श्रीवास्तव- मूल निवासी छपरौला गौतमबुद्धनगर, शिक्षा एमकॉम, उम्र-26 वर्ष
6. अंकुर- मूल निवासी फिरोजाबाद व हाल पता डूंडाहेड़ा, शिक्षा-12वीं, उम्र 26 वर्ष