फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: करीबी हो सकता है बच्ची की कातिल... कान में पहनता है बाली

विज्ञापन
विज्ञापन
करीबी हो सकता है बच्ची की कातिल... कान में पहनता है बाली
विज्ञापन

सुमित कुमार
साहिबाबाद। साढ़े चार साल की मासूम बच्ची का कातिल कोई करीबी हो सकता है। पुलिस को इसकी आशंका है। इसकी दो वजह हैं। एक तो बच्ची का शव घर के पास ही मिला। माना जा रहा है कि कातिल आसपास का ही है। दूसरा, दुष्कर्म के तुरंत बाद हत्या कर दी गई। इसकी वजह मानी जा रही है कि कातिल को अपनी पहचान हो जाने का डर रहा होगा। इसी आधार पर पुलिस ने बच्ची के घर के आसपास के 10 से अधिक लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। कातिल के बारे में यह जानकारी मिली है कि वह कान में बाली पहनता है। अपहरण के दौरान बच्ची की दादी ने उसे एक नजर देखा था। उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी है।
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद पुलिस के सामने यह घटना पहली बड़ी चुनौती के रूप में आ गई। इसके खुलासे के लिए पुलिस ने 30 स्थानों से सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। हालांकि, इनसे कोई सुराग नहीं मिला है। बच्ची को घर के बाहर से अगवा करते समय जब बाइक सवार युवक उसे ले जा रहा था, तब उस पर दो महिलाओं की नजर पड़ी। इनमें से एक बच्ची की दादी हैं। उन्होंने बताया कि युवक का चेहरा तो वह नहीं देख पाईं। उसे साइड से देखा था। उसके कान में बाली थी। थोड़ी दूरी पर उसकी बाइक फिसल गई थी। वहां एक और महिला ने देखा। उसने पुलिस को उसका हुलिया बताया था।
विज्ञापन

परिजन गुस्से में, अंतिम संस्कार से किया इनकार
घटना के बाद से बच्ची के परिजनों में भारी गुस्सा है। उन्होंने शाम को बच्ची के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि पहले हत्या के आरोपी पकड़े जाएं, बाद में अंतिम संस्कार होगा। हालांकि एसपी सिटी सेकंड ज्ञानेंद्र कुमार के समझाने पर वे लोग शांत हो गए। एसपी सिटी ने वारदात के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया। रात नौ बजे बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले पुलिस पर लोगों का गुस्सा इसलिए भड़का क्योंकि बच्ची की तलाश के लिए डॉग स्क्वॉड नहीं बुलाया गया। लोगों ने कहा कि अगर पुलिस डॉग स्क्वॉड बुला लेती तो बच्ची की तलाश में आसानी होती।
पुलिस कमिश्नर ने दिए जल्द खुलासे के निर्देश
पुलिस कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा ने शुक्रवार शाम को घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खुलासे में लगीं पुलिस टीमों के बारे में भी जानकारी ली। इससे पहले उन्होंने बच्ची को सकुशल बरामद करने के निर्देश दिए थे लेकिन पुलिस ऐसा नहीं कर सकी। बच्ची का शव मिला।
विज्ञापन

पूजा के लिए फूल लेने गई थी मेरी लाडली
बच्ची का शव आते ही मां की तबीयत बिगड़ गई। पड़ोस की महिलाओं ने उन्हें बड़ी मुश्किल से संभाला। रोती-बिलखते मां ने कहा मेरी बिटिया, घर के बाहर बहुत कम निकलती थी। बच्चे खेलते रहते थे लेकिन वह अंदर ही रहती थी। शाम को परिवार के साथ पूजा में शामिल होती थी। वह आरती गाती थी तो बहुत अच्छी लगती थी। सब उससे कहते थे कि एक बार और सुनाओ। बृहस्पतिवार को वह खेलने के लिए नहीं गई थी। शाम को आरती का समय हो रहा था। वह बाहर से फूल तोड़ने के लिए गई थी। वहां बच्चे खेल रहे थे। उनके साथ खेलने लगी। तभी अपहरण हो गया। वो कौन दरिंदा है जो मेरी जिसने मेरी फूल सी लाडली की जान ली है, भगवान उसे सजा जरूर देंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें