दो दिन बाद ई-रिक्शा चालक का बोरे में बंद मिला शव
लोनी। सालेह नगर कॉलोनी के रहने वाले ई-रिक्शा चालक सुभाष का दो दिन बाद शुक्रवार रात ट्रॉनिका सिटी के जंगल में बोरे में बंद शव मिला है। शरीर पर चाकू के निशान हैं। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता चलेगा। परिजनों ने अशोक विहार कॉलोनी में रहने वाले दो पुत्र और पिता के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में आरोपी ई-रिक्शा ले जाते हुए नजर आ रहे हैं।
मूलरूप से पिलखुवा के रहने वाले सुभाष चंद (50) परिवार के साथ रहते थे। परिवार में पत्नी दया, बच्चे सौरव, प्रियंका, गोरी हैं। सुभाष चंद ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। परिवार के लोगों ने आरोप लगाए है कि बुधवार सुबह वह घर से ई-रिक्शा लेकर निकले थे। शाम तक वह घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने बताया कि उन्होंने तलाश किया, तो पता चला कि तीन से चार लोग उनका ई-रिक्शा बुक कर ले गए हैं। लोनी थाना प्रभारी अजय चौधरी ने बताया कि परिजनों ने हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर बिजेंद्र, रमेश और गोपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है इनमें बिजेंद्र और रमेश गोपाल के पुत्र हैं। पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, वह फरार चल रहे हैं।
बोरे में बंद शव मिला
सुभाष के नहीं मिलने पर पुलिस ने तलाश शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के जंगलों में गई। पुलिस ने डॉग स्क्वाइड को मौके पर बुलाकर तलाश की थी। शुक्रवार रात करीब 8 बजे पुलिस को एक बोरा दिखाई दिया। पुलिस ने बोरे को खोलकर देखा, तो उसमें सुभाष का शव मिला। शरीर पर चाकू के निशान हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एक माह पहले जहरखुरानी गिरोह के शिकार हुए थे
परिवार के लोगों ने बताया कि करीब एक माह पहले सुभाष बेसुध अवस्था में लाल बाग पुलिस चौकी के पास पड़े हुए थे। पुलिस ने परिवार के लोगों को सूचना दी थी। करीब पांच दिनों बाद उन्हें होश आया था। होश आने के बाद उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया था। बाद में उन्हें लाल बाग छोड़ आए थे।