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Ghaziabad: छह साल में 200 से ज्यादा लिए फर्जी लोन, गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

Wed, 14 Sep 2022 01:21 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद

सार

साहिबाबाद सीओ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि एक महिला ने उनके दस्तावेज पर फर्जी तरीके से लोन लिए जाने की शिकायत की थी। पुलिस ने योगेंद्र निवासी गांव साहिबाबाद, रवि निवासी शालीमार गार्डन एक्सटेंशन दो साहिबाबाद, दर्शन निवासी नायफल थाना मसूरी गाजियाबाद व दीपक निवासी ओखला फेस दो दिल्ली को गिरफ्तार किया।
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फर्जी लोन - फोटो : pixabay
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विस्तार
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छह साल में 200 से ज्यादा फर्जी लोन लेकर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को सोमवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह लाजपत नगर में फर्जीवाड़े का नेटवर्क चला रहा था। एक महिला के कागजों पर लोन लेने की शिकायत के बाद पुलिस इन तक पहुंची। गिरोह के सदस्यों ने संपत्ति पर करीब 40 लोन और क्रेडिट कार्ड पर 160 से ज्यादा लोन लिए हैं।

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साहिबाबाद सीओ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि एक महिला ने उनके दस्तावेज पर फर्जी तरीके से लोन लिए जाने की शिकायत की थी। पुलिस टीम ने सोमवार को मोहननगर नागद्वार रोड से योगेंद्र निवासी गांव साहिबाबाद, रवि निवासी शालीमार गार्डन एक्सटेंशन दो साहिबाबाद, दर्शन निवासी नायफल थाना मसूरी गाजियाबाद व दीपक निवासी ओखला फेस दो दिल्ली को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चारों के पास से पांच मोबाइल, आठ पैन कार्ड, 23 वोटर आईडी कार्ड, नौ आधार कार्ड, सात एटीएम कार्ड, तीन रजिस्ट्री की कॉपी, दो पावर ऑफ अटार्नी की कॉपी, दो लोन सेशन लेटर, छह बैंक नोटिस, सात पासबुक, छह चेकबुक, 253 डाटा पेपर शीट, दो डायरी व एक उपस्थिति रजिस्टर बरामद किया है।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा

पुलिस की पूछताछ में सदस्यों ने बताया कि वह लाजपत नगर में अंबे अस्पताल के पास नीलम बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से लोन दिलाने का कार्यालय चलाते हैं। सभी ने मिलकर योगेंद्र नाम के व्यक्ति की बहन सोनिया के नाम पर तीन फर्जी पावर ऑफ एटॉर्नी करा ली थीं फिर सोनिया से तीनों की रजिस्ट्री, जिसमें दो योगेंद्र और तीसरी उसकी पत्नी सपना के नाम पर करा दी थी। सदस्यों ने वर्ष 2016 में कागजों के आधार पर रेलीगेयर हाउसिंग डवलेपमेंट फाइनेंस से 10 और 19 लाख रुपये के दो लोन करा लिए थे। फर्जी आधार व पैन कार्ड से नकली बैंक खाता खुलवाया था फिर इन्हीं रजिस्ट्री के आधार पर दोनों लोन लिए थे जबकि बरामद कागज जैसे आधार व पैन कार्ड का प्रयोग कर एचडीएफसी, इंडस्ड, बजाज फाइनेंस, एसबीआई, कोटेक महिंद्रा आदि के क्रेडिट कार्ड से लोन लिया गया था।

बिहार का रहने वाला रवि है सरगना

थाना प्रभारी ने बताया कि मूलरूप से बिहार का रहने वाला रवि गिरोह का सरगना है। रवि करीब 20 साल से लाजपत नगर में अपना कार्यालय चला रहा था। रवि ने पहली बार वर्ष 2016 में फर्जी कागजात तैयार कराकर पहला लोन लिया था। फर्जी पावर ऑफ एटॉर्नी तैयार करने में दिल्ली के आशीष की मदद लेते थे। दिल्ली का रहने वाला दीपक क्रेडिट कार्ड से लोन लेने में माहिर है जबकि रवि और योगेंद्र नकली आधार व पैन कार्ड बनाने में माहिर हैं। वह कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से चंद घंटों में आधार व पैन कार्ड बना लेते थे।

दोबारा भी ले लेते थे लोन, बैंक की भूमिका संदिग्ध

गिरोह के सदस्य लोन लेने के बाद बैंक और जिस व्यक्ति के दस्तावेज इस्तेमाल करते थे, उस पर नजर रखते थे। व्यक्ति के लोन नहीं चुकाने पर वह दोबारा से फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाते थे फिर अन्य बैंक से उन कागजों पर भी लोन ले लेते थे। पुलिस पूरे मामले में बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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