चोरी के ट्रक और कैंटर का नंबर बदल कराते थे फाइनेंस, सात गिरफ्तार
साहिबाबाद। दिल्ली-एनसीआर से ट्रक और कैंटर चोरी कर नजफगढ़ के गोदाम में कटवाने और इंजन-चेसिस नंबर बदलकर फर्जी कागज बनवाकर फाइनेंस कराने वाले गिरोह का साहिबाबाद पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सात शातिरों को गिरफ्तार कर चार फोन, दो तमंचे, दो चाकू, दो गैस सिलिंडर, गैस कटर व कटे हुए वाहनों के पुर्जे के अलावा एक ट्रक बरामद किया है। सरगना सलीम खान समेत पांच लोग फरार है। पुलिस टीम उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं। जांच में पुलिस को गिरोह का मणिपुर, नगालैंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश का कनेक्शन भी मिला है।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रवि कुमार निवासी सागरपुर दिल्ली, अमित निवासी बिसरख, शहनवाज निवासी बेगमपुर बुलंदशहर, विनोद निवासी बीएम कंपाउंड कोतवाली घंटाघर गाजियाबाद, जावेद और मोनू निवासी बागपत व सन्नी निवासी तिलक नगर दिल्ली को गिरफ्तार किया है। गिरोह पिछले 12 वर्षों से सक्रिय है जिसके सदस्यों ने अलग-अलग राज्यों में सेंधमारी कर 400 से 500 ट्रक और कैंटर चोरी किए हैं। गिरोह में शामिल हर सदस्य का काम बंटा हुआ था। पूछताछ में पता चला कि गिरोह को जमशेद, सालिम, रानी, गुलजार, शाहबुल, बिन्नी लाला उर्फ विनोद जैन, विनोद उर्फ राकेश, मूलचंद, सलीम खान उर्फ बिट्टू चलाते हैं। रवि चोरी के वाहनों को रिसीव कर नजफगढ़ में बिन्नी लाल के गोदाम में पहुंचाता था। अमित (मुख्य आरोपी विनोद उर्फ राकेश का साला है) वाहनों को गोदाम में कटवाता था। विनोद और जावेद दोनों चोरी वाहनों के इंजन व चेसिस नंबर बदलवाते थे जबकि शाहनवाज चोरी वाहनों की मणिपुर व नगालैंड में व्हाट्सएप पर फोटो भेजकर एनओसी लेते थे फिर पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के आरटीओ कार्यालय से साठगांठ कर चोरी के वाहनों का रजिस्ट्रेशन करा लेते थे। गिरोह के सरगना सलीम खान और विनोद का भाई मोनू सभी लोगों को मैनेज करता था। सन्नी को गाड़ी कटवाने की जिम्मेदारी दी हुई थी।
चोरी वाहनों को फाइनेंस करा कटवा देते थे
सीओ साहिबाबाद स्वतंत्र कुमार ने बताया कि वाहन चोरी करने के बाद जावेद गोदाम में उनकी डेंटिंग-पेंटिंग करता था जबकि विनोद इंजन और चेसिस नंबर बदल देता था फिर नंदग्राम में ओम त्यागी की गली में रहने वाला मूलचंद अपने कागजात लगाकर बैंक से ट्रकों पर लोन कराता था। लोन के पैसे आते ही वाहन को कटवा देते थे या दूसरे राज्यों में 60 से 90 हजार रुपये में पंजीकरण कराकर 15 से 20 लाख रुपये में बेच देते थे। गोदाम मालिक बिन्नी लाला चोरी के वाहन काटने के लिए 30 से 40 हजार रुपये लेता है।
12 साल में 500 वाहन चोरी किए
थाना प्रभारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी का कहना है कि गिरोह के सदस्य पिछले 12 साल से सक्रिय हैं जो विभिन्न राज्यों से 400 से 500 वाहन चोरी कर चुके हैं। गिरफ्तार रवि पर 16 मुकदमे, अमित के खिलाफ 15 मुकदमे, शाहनवाज पर 16 मुकदमे, विनोद के खिलाफ 16 मुकदमे, जावेद पर 16, मोनू पर 16, सन्नी उर्फ अजीत पर विभिन्न थानों में 16 मुकदमे दर्ज हैं।