ऑटो में अकेली सवारी को लूटने वाले गिरोह के आठ सदस्य गिरफ्तार
साहिबाबाद। ऑटो में अकेली सवारी को बैठाकर उनके गहने और नकदी चोरी व लूटने वाले गिरोह के आठ सदस्यों को साहिबाबाद पुलिस ने राजीव कॉलोनी की बंद पड़ी फैक्टरी से गिरफ्तार किया है। गिरोह 2008 से अब तक अन्य बदमाशों के साथ मिलकर पश्चिमी यूपी और एनसीआर में 200 घटनाएं कर चुका है। हाल ही में गिरोह ने चोरी के ऑटो से छह घटनाएं की हैं। पुलिस ने चार सोने की चूड़ी, एक चेन, घटनाओं में प्रयुक्त दो ऑटो, नशीली गोलियां और एक लाख 30 हजार रुपये बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गिरोह को आठवीं पास सरगना साजिद (37) चला रहा था जबकि उसके अन्य साथी भी आठवीं पास हैं। इनमें आश मोहम्मद (34) निवासी जमालपुरा, ऑटो चालक अल्ताफ (35) निवासी बड़ौत बागपत, प्रवीण (27) निवासी प्रशांत विहार लोनी, इरफान, रहीस, आरिफ उर्फ बहादुर निवासी लोनी और सुनार राहुल वर्मा निवासी मेन बाजार बागपत सिटी शामिल हैं। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे ऑटो से रात में चलते थे और लोनी-भोपुरा होते हुए मोहन नगर से हाईवे तक के बीच बुजुर्ग व अकेली महिलाओं को बैठा लेते थे फिर सुनसान रास्ते पर ले जाकर उनके बैग से गहने व नकदी चोरी कर लेते थे। इस बीच यदि कोई सवारी विरोध करती थी तो उसे चाकू डराकर बीच रास्ते में उतारकर फरार हो जाते थे। सीओ साहिबाबाद स्वतंत्र कुमार सिंह के मुताबिक, बदमाश ऑटो में सिर्फ एक सवारी के बैठने की ही जगह छोड़ते थे। जब कोई सवारी इनके चंगुल में फंस जाती थी तो उसका ध्यान भटका कर बैग से सामान चोरी करते थे।
तीन बार जेल जा चुका है सरगना साजिद
सरगना साजिद 2009 में साहिबाबाद से, 2011 में कोतवाली घंटाघर से, 2013 में सिहानी गेट थाने से जेल जा चुका है। उस पर अलग-अलग थानों में लूट व चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। एक माह में घटनाएं करने के बाद जो भी माल आता था, उसे बागपत शहर के मेन आजार में श्री ज्वैलर्स के सुनार राहुल वर्मा को आधे दाम में बेच देता था।
दो महिलाओं के बैग से नकदी और गहने चोरी किए
गिरोह ने 3 अगस्त को मोदीनगर के सौंदा रोड निवासी संतोष शर्मा को मोहन नगर से ऑटो में बैठाकर उनकी बैग से चार चूड़ी, एक चेन और 1500 रुपये चोरी कर लिए। घटना के बाद उन्हें करन गेट चौकी पर चेकिंग की बात कहकर ऑटो से उतारकर फरार हो गए। 18 जुलाई को करहेड़ा की ब्रिजेश बाला के बैग से 22500 रुपये चोरी कर लिए थे।