होटल में केबिन क्रू के बैग से 98 हजार नकद व सामान चोरी
वैशाली। सेक्टर-1 के होटल द रोजमैन ओयो टाउन हाउस के कमरे से दिल्ली एयरलाइंस की केबिन क्रू कीर्ती गुप्ता का 98 हजार रुपये और कीमती सामान चोरी हो गया। घटना 16 अप्रैल की है। वह रात में खाना-खाने के लिए बाहर गई थीं। आरोप है कि कौशांबी पुलिस ने कई चक्कर कटवाने के बाद तहरीर बदलवाई और सात मई को चोरी का मुकदमा दर्ज किया। मामले में उच्च अधिकारियों से भी शिकायत हुई है।
कीर्ती गुप्ता दिल्ली के कृष्णा नगर में रहती हैं। 16 अप्रैल को उन्होंने अपने दोस्त की मदद से वैशाली के होटल में कमरा बुक कराया था। रात करीब 9:45 बजे होटल पहुंचने पर उन्होंने कमरे में अपना बैग और अन्य सामान रखा। इसके बाद वह अकेली खाना खाने के लिए चली गईं। 11:30 बजे वह दोस्त दीपांशु के साथ कमरे पर पहुंचीं तो कमरे की लाइट जली हुई थी। बैग से सामान बाहर निकला हुआ था। जांचने पर पता चला कि उसमें से 98 हजार रुपये नकद और एयर पोड्स गायब थे। तुरंत होटल के प्रबंधन को चोरी की सूचना दी। आरोप है कि प्रबंधन का रवैया बिल्कुल भी व्यवहारिक नहीं था, लिहाजा उन्हें प्रबंधक से मिलने के लिए उन्हें सुबह 9 बजे तक इंतजार कराया गया, लेकिन दबाव बनाकर उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखी तो उसमें रात 10:45 बजे होटल के हाउस कीपिंग स्टाफ कमरे का गेट खोलता और फिर कुछ देर बाद चार महिलाएं व एक आदमी प्रवेश अंदर जाते नजर आए। आरोपों के मुताबिक, उनके बाहर जाने के बाद होटल के रिसेप्सनिस्ट ने भी कमरे में प्रवेश किया। इस विरोध करने पर रिसेप्सनिस्ट ने बताया कि बैग में सिर्फ एक मोबाइल फोन था।
थाने पर पुलिस द्वारा तहरीर बदलवाने का आरोप
कौशांबी थाने में चोरी की शिकायत देने के बाद पुलिस ने उन्हें जांच करने का आश्वासन दिया। आरोप है कि पुलिस ने मामले की जांच में सहयोग नहीं किया। यही नहीं, जांच अधिकारी ने उनसे अभद्रता की और वापस घर भेज दिया। 29 अप्रैल को वह एफआईआर कॉपी लेने थाने गईं तो वहां पुलिस ने जांच अधिकारी पर लगाए आरोपों को हटवाते हुए दूसरी तहरीर लिखवाई। उसके आधार पर पुलिस ने 7 मई को धारा 380 (चोरी) की रिपोर्ट दर्ज की। उन्होंने कौशांबी पुलिस के इस रवैये पर पुलिस के उच्च अधिकारियों से शिकायत की है।
एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि होटल से सीसीटीवी फुटेज लेकर जांच की जा रही है। थाने पर जिस भी पुलिसकर्मी ने गलत व्यवहार किया। उसकी भी वादी पक्ष से बात कर जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की जाएगी।